अजमेर दरगाह के दीवान ने ऐलान किया बीफ कभी नहीं खाएंगे, मुस्लिम भी बीफ न खाएं, गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करे

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उर्स के समापन की पूर्व संध्या पर खानकाह शरीफ में होने वाली वार्षिक सभा में अजमेर में ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के वंशज और प्रमुख दरगाह दीवान सैयद जैनुल आबेदीन अली खान ने एेलान किया है कि वे बीफ कभी नहीं खाएंगे। साथ ही, उन्होंने मुस्लिम समाज से अपील की है कि वे सब भी बीफ नहीं खाएं। उन्होंने गाय को भी राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग केन्द्र सरकार से की है। उन्होंने कहा कि मैं यह अपील करना चाहता हूं कि किसी भी तरह का जानवर नहीं काटा जाना चाहिए।

जैनुल आबेदीन अली खान ने कहा कि सरकार को देश में गौवंश की सभी प्रजातियों के वध और इनके मांस की बिक्री पर व्यापक प्रतिबंध कर देना चाहिए। मुसलमान को भी इनके वध से खुद को दूर रखकर इसके सेवन को त्यागने की पहल करनी चााहिए। उन्होंने मुसलमानों से कहा कि इसका त्याग कर सद्भावना की मिसाल पेश करें। हालांकि बीफ के सेवन को लेकर अधिकांश राज्यों में प्रतिबंध है।

सैयद जैनुल आबेदीन अली खान ने कहा की केन्द्र सरकार को पूरे देश में गौ हत्या करने वालों को उम्रकैद की सजा का प्रावधान करना चाहिए। ये सिर्फ सरकार का नहीं बल्कि हर धर्म को मानने वाले का कर्तव्य है कि वे अपने धर्म के बताए रास्ते पर चलकर पशु-पक्षियों की रक्षा करें।