नोटबंदी के खिलाफ विपक्ष का काला दिवस

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गुरुवार को नोटबंदी के खिलाफ अपोजिशन ने काला दिवस मनाने का फैसला किया। लोकसभा और राज्यसभा में सांसद काली पट्टी बांधकर पहुंचे। इससे पहले पार्लियामेंट में गांधीजी के स्टैचू के सामने अपोजिशन ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। राहुल गांधी ने नोटबंदी के फैसले को कथित तौर पर बोल्ड, लेकिन बेवकूफी भरा फैसला बताया। उन्होंने कहा- “मैं खुलासा करूंगा कि कैसे Paytm का असली मतलब है पे टू मोदी। उधर, केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि अपोजिशन मीडिया में बने रहने के लिए प्रदर्शन कर रहा है।
राहुल गांधी ने कहा- “इस एक्सपीरिमेंट का जबर्दस्त नुकसान हिंदुस्तान के गरीब लोगों को हुआ। किसानों को बीज बोने का पैसा नहीं मिला।पूरे कोस्टल बेल्ट पर मछली पकड़ने वालों की आमदनी ठप हो गई। अभी मैंने कहा लार्सन एंड टर्बो ने 1 लाख से ज्यादा लोगों को बाहर निकाला है बेरोजगारी बढ़ रही है। किसी ने कहा ये प्रधानमंत्री का बोल्ड डिसीजन है। ये बोल्ड डिसीजन नहीं है। ये बिलकुल बेकार डिसीजन है। बिना सोचे समझे प्रधानमंत्रीजी ने यह काम किया है।इससे पूरे देश को जबर्दस्त नुकसान हुआ है। अब देखिए जब बात शुरू हुई थी। प्रधानमंत्री काले धन की बात कर रहे थे। काला धन वापस आएगा। वो पैसा हम किसानों को देंगे। वो बात बंद हो गई।आज आरबीआई ने कहा साढ़े ग्यारह लाख करोड़ रुपए वापस आ गए हैं। लगता है कि पूरा पैसा वापस आ जाएगा। काले धन के बाद प्रधानमंत्री आतंकवाद के ऊपर गए। दौड़कर गए। कहा कि भैया ये आतंकवाद के खिलाफ डिसीजन था। कुछ ही दिन आतंकवादी पकड़े गए। उनके जेब में नए नोट थे।फिर प्रधानमंत्री वहां से निकले और बोले ये काउंटरफिट के खिलाफ है। हमने पूछा कितना काउंटरफिट है। जवाब मिला 400 करोड़। फिर प्रधानमंत्री काउंंटरफिट से भागे।फिर कैशलेस इकोनॉमी गए। कहा भैया देखो हम कैशलेस इकोनॉमी लाना चाहते हैं। कैशलेस इकोनॉमी से किसको फायदा होगा? कैसलेस इकोनॉमी से दो तीन, पांच कंपनियों को फायदा होगा। जो हर ट्रांजेक्शन पर कमीशन लेंगे। तो एक के बाद…एक के बाद… प्रधानमंत्री जा भाग रहे हैं।हम चाहते हैं वो इस लोकसभा में, राज्यसभा में आकर बात करें। यहां हम उन्हें भागने नहीं देंगे। उन्हें पकड़कर रखेंगे। सब समझा देंगे।”
कांग्रेसी नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा- “पीएम पहले 5 दिन, फिर 5 हफ्ते, अब 50 दिन कह रहे हैं। ये ठीक नहीं है।यहां तक कि एक महीना बीतने के बाद भी हालात 50% भी बेहतर नहीं हुए हैं। पता नहीं आडवाणी के बयान का सरकार पर कितना असर होता है, लेकिन हम चर्चा की कोशिश कर रहे हैं|”
वेंकैया नायडू ने कहा, “यह काला दिवस नहीं, कालेधन का समर्थन दिवस है|”