शिवपाल सिंह यादव की विधायकी को लेकर खड़ा हो सकता है संकट

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शिवपाल सिंह यादव की नई पार्टी ‘प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया’ का चुनाव आयोग में रजिस्ट्रेशन हो चुका है और शिवपाल यादव की राजनीति इसी पार्टी के साथ आगे चलेगी। शिवपाल ने अपनी इस पार्टी में समाजवादी पार्टी के कई दिग्गजों को भी शामिल करा लिया है, यह उनकी कामयाबी है लेकिन नई पार्टी बन जाने के साथ ही अब उनकी विधायकी पर संकट खड़ा हो सकता है।

दरअसल शिवपाल सिंह यादव समाजवादी पार्टी के टिकट पर इटावा की जसवंतनगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे। नई पार्टी बना लेने के बाद उनकी सदस्यता पर खतरा आ सकता है, हालांकि समाजवादी पार्टी ने अभी तक उन्हें पार्टी से नहीं निकाला है लेकिन, विधानसभा की कार्यवाही के दौरा खुद शिवपाल के लिए असमंजस की स्थिति खड़ी होगी, उनसे सवाल भी पूछे जाएंगे कि वह किस तरफ हैं।

शिवपाल क्या करेंगे, इसे लेकर खुद वह और उनके समर्थक भी चुप्पी साधे हुए हैं, शिवपाल समाजवादी पार्टी को लेकर कभी नरम तो कभी गरम दिख रहे हैं, एक तरफ पर सपा की पहल पर बनने वाले किसी महागठबंधन में शामिल होने के इच्छुक भी हैं, वहीं वह समाजवादी पार्टी के सबसे बड़े नेताओं अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव पर हमला करने से भी नहीं चूकते।

उधर समाजवादी पार्टी ने अभी तक शिवपाल को निकाला नहीं है, शिवपाल की नई पार्टी बनने के बाद भी उसकी ओर से विधानसभा अध्यक्ष को कोई शिकायत नहीं दी गई है, शायद अखिलेश यादव के साथ उनका चाचा का रिश्ता आड़े आ रहा हो, लेकिन यह स्थिति ज्यादा दिन चल नहीं पाएगी, वैसे माना जा रहा है कि जल्दी ही खुद शिवपाल ही इस बारे में कोई फैसला ले लेंगे, संभावना है कि वह नए सिरे से जनादेश लेने का फैसला कर सकते हैं। अपने क्षेत्र में उनकी पकड़ मजबूत है और उन्हें कोई खास चुनौती नहीं दिखाई देती।