यूपी के सभी जिलों में अलर्ट, कई जिलों में आगजनी

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सोमवार को दलित संगठनों ने एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगाने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में जारी दलित संगठनों का भारत बंद का ऐलान हिंसक हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च को जारी एक आदेश में एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए इसके तहत तत्काल गिरफ्तारी या आपराधिक मामला दर्ज करने पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज होने वाले केसों में अग्रिम जमानत को भी मंजूरी दे दी थी।

जहाँ आगरा में विरोध कर रहे लोगों ने गतिमान एक्सप्रेस ट्रेन को रोका। वहीं, मेरठ में चौकी में आग लगा दी गई। मेरठ, गोरखपुर, सहारनपुर, हापुड़ और आगरा समेत कई जिलों में प्रदर्शनकारियों ने जमकर उत्पात मचाया।

आगरा में भी दलित संगठनों का उग्र प्रदर्शन जारी है। प्रशासन ने सभी जिलों में अलर्ट घोषित कर दिया है। हापुड़ में प्रदर्शन हिंसक हो गया है। यहां गोली चलने की सूचना है। वहीं विरोध कर रहे संगठनों ने आगजनी के साथ पथराव किया है।

आगरा के मुख्य सड़क MG रोड पर तोड़फोड़ कर रहे थे प्रदर्शनकारी को खदेड़ने के लिए प्रदर्शन एसपी सिटी ने की फायरिंग। प्रदर्शनकारियों को संभालने के लिए पुलिस ने संभाला मोर्चा, लाठीचार्ज के साथ की गई फायरिंग।

लखनऊ में विरोध प्रदर्शन को बहुजन समाजवादी पार्टी ने समर्थन दिया है। पार्टी के कार्यकर्ता भी विरोध में शामिल होकर नारेबाजी कर रहे हैं।

हिंसा को देखते हुए पांच कंपनी पीएसी और चार कंपनी RAF अतिरिक्त तैनात की मेरठ, हापुड़ आगरा और गाजियाबाद में रैपिड एक्शन फोर्स की अतिरिक्त कंपनी तैनात की गई हैं।

आंदोलन के दौरान हुई हिंसा की घटनाओं को देखते हुए पांच कंपनी पीएसी भी संवेदनशील जिलों को भेजी जा रही है। प्रदेश के मेरठ और आगरा जोन में सर्वाधिक आंदोलन के दौरान हिंसक घटनाएं।

डीजीपी ओपी सिंह ने एडीजी लॉ एंड ऑर्डर और डीआईजी लॉ एंड ऑर्डर को प्रदेश भर में हो रही घटनाओं को लेकर ब्यौरा मांगा है। डीजीपी मुख्यालय ने सभी जिलों को कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए है.

यूपी के सभी जिला में अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रमुख सचिव गृह ने आदेश सभी जिलों के डीएम और एसपी आदेश जारी करते हुए कहा कि आगजनी व तोड़फोड़ पर सख्ती करें और किसी भी तरह का बवाल नहीं होने दें। प्रदर्शनकारियों से बात कर मामले को शांत कराने का निर्देश भी दिए गए हैं।

लखनऊ में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने जहां दो घंटे कार्यबहिष्कार का एलान किया है वहीँ आगरा में दो स्टेशनों पर ट्रेन रोकी गयी है।

दलितों संगठनों ने मेरठ- परतापुर बाइपास मार्ग पर कई स्थानों पर जाम लगाया। जिससे दिल्ली, मेरठ और देहरादून हाइवे जाम हो गया। जाम के दौरान लोगों की भीड़ ने कई वाहनों में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। शोभापुर में भीड़ ने दो बसों में आग लगायी और पुलिस चौकी को भी अपना निशाना बनाकर वहां तोड़फोड़ कर आगजनी कर दी। भीड़ को तितर बितर करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। भीड़ ने खडौली में भी बसों में तोड़फोड़ की। इस दौरान बाइकों में भी उग्र भीड़ ने आग लगा दी। तनाव को देखते हुए कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर बुला ली गई। इस दौरान खडोली में भीड़ द्वारा गोली चलाए जाने की बात भी सामने आ रही है हालांकि इसकी पुष्टि अभी कोई अधिकारी नहीं कर रहा है।

आगरा में विरोध की कई तस्वीरें सामने आई। आगरा के टेढ़ी बगिया पर जाम लगाया गया। जबकि खेरिया मोड़ को जबरन बंद करा दिया गया। दलित समुदाय के लोग हाथों में लाठी डंडे लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। बिजलीघर बाजार को भी बंद कराया गया है। आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन पर हजारों लोगों ने कर्नाटक एक्सप्रेस ट्रेन रोक दी है। सूचना मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी मौके पर पहुंच गयी है। जबकि ईदगाह रेलवे स्टेशन से पहले रेलवे ट्रैक पर उतर कर प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन को रोक रखा है। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोगों ने आगरा-अलीगढ़ हाइवे जाम कर रखा है।

लखनऊ में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष अवधेश वर्मा के नेतृत्व में बिजली गेस्ट हाउस पर काली पट्टी बांध कर प्रदर्शन कर रहे हैं। अवधेश वर्मा ने बताया कि एस/एसटी कानून में बदलाव के खिलाफ दलित समाज सड़क पर है। कानून में कोई भी बदलाव हमें मंजूर नहीं है। उन्होंने बताया कि हमारा प्रदर्शन शांतिपूर्ण है। हम दो घंटे कार्य बहिष्कार कर रहे हैं।

एससी/ एसटी एक्ट में बदलाव को लेकर आज वाराणसी के अम्बेडकर स्मारक के पास दलितों ने चक्काजाम कर हंगामा किया। कई गाड़ियों के शीशे तोड़े।
रन फॉर अंबेडकर के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने भांजी लाठी। कचहरी स्थित अंबेडकर पार्क के पास लगभग दर्जनों कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

कचहरी चौराहे में भारी संख्या में दलित संगठन के लोगों ने पहुंचकर जाम लगा दिया। दलित समुदाय के लोगों ने मोदी सरकार के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा दिखाते हुए कहा कि मोदी सरकार दलितों की आवाज और उनके हक को खत्म करना चाहती है।

दलितों ने हिंसक प्रदर्शन किया। सैकड़ों दलितों ने एकत्र होकर दिल्ली पौड़ी नेशनल हाइवे पर जाम लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। इस दौरान आसपास की दुकानों को बंद कराने के लिए उनमें जमकर तोड़फोड़ करते हुए दुकानों को जबरन बन्द करा दिया गया है।

सुबह करीब आठ बजे बेहट स्थित गांव नाजिरपुरा में भारत एकता मिशन के कार्यकर्ता संड़कों पर उतर आए और दिल्ली यमुनोत्री मार्ग को पूरी तरह से बाधित कर दिया। इस मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लगई, जिस कारण यमुनोत्री जाने वाले वाहन चालकों और यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पडा। इसके अलावा भगवानपुर रूडकी मार्ग पर गांव चुडियाला के निकट भी दलित संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मार्ग को जाम कर दिया, जिस कारण हरिद्वार जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी हुई। जनपद के कस्बा नागल, तल्हेडी बुजुर्ग, देवबंद, नानौता, गंगोह और तीतरो आदि में भी भारत बंद के दौरान दलित संगठनों के कार्यकर्ताओं द्वारा रोड जाम कर नारेबाजी की जा रही है।

मुजफ्फरनगर में भी दलितों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। जब आउटर पर ट्रेन को रोक दिया गया। साथ ही जगह जगह तोड़फोड़ और आगजनी की घटनायें भी सामने आई हैं। नई मंडी कोतवाली पर प्रदर्शनकारियों ने किया पथराव। पुलिस और प्रदर्शनकारियो के बीच फायरिंग।

दलित संगठनों का हिंसक आन्दोलन देखते हुए मथुरा में रेलवे विभाग द्वारा ताज एक्सप्रेस ट्रेन को एहतियातन रोक दिया गया। दिल्ली-आगरा रूट पर ट्रेन रोक कर यात्रियों को भी उतार दिया गया है। जिससे भारी संख्या में यात्री परेशान हैं।

आजमगढ़ में प्रदर्शनकारियों ने एक बस को आग लगा दी है। वहीं, प्रशासन विरोध कर रहे संगठनों को समझाने में लगा हुआ है।