आतंक को, एक्‍शन लेने में असफलता और चु‍प्‍पी देती है बढ़ावा : मोदी

5
SHARE

8 दिन के भारत दौरे पर आए इजराइल के राष्‍ट्रपति रियूवेन रिवलिन से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मुलाकात की। मोदी ने कहा कि इजराइल के राष्ट्रपति का स्वागत करना हमारे लिए सम्मान की बात है। दोनों देशों की साझेदारी बहु-आयामी है। रक्षा संबंधों सहित कई अहम मुद्दों पर दोनों देशों की भागीदारी अहम हैइस दौरान दोनों के बीच द्वि‍पक्षीय वार्ता हुई जिसमें कई अहम समझौतों पर हस्‍ताक्षर हुए।

इसके बाद जारी साझा बयान में पीएम मोदी ने रियूवेन रिवलिन का स्‍वागत करते हुए कहा कि भारत और इजराइल आतंक से जूझ रहे हैं। आतंक के खिलाफ एक्‍शन लेने में फेल होना और चु‍प्‍पी साधे रखना इसे बढ़ावा देती है।

पढ़ाई के लिए इजराइल जाने वाले भारतीय छात्रों की बढ़ती संख्या हमारी भागीदारी के निर्माण में एक महत्वपूर्ण पुल साबित होगी। हम राजनयिक संबंधों की स्थापना में 25 साल मील के पत्थर की दृष्टिकोण से देखते हैं।

मोदी के बाद अपने संबोधन में इजराइल के राष्ट्रपति ने भारत की मेजबानी पर कहा कि मैं अपनी दिल की गहराई से आपका धन्यवाद करना चाहता हूं। आपके इस खूबसूरत देश में मुझे घर जैसा अनुभव हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि इजराइल और भारत को आतंक से धमकी मिलती है क्योंकि हम स्वतंत्रता के मूल्यों को बनाए रखना चाहते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि हम मानते हैं कि आतंकवाद की कोई सीमा नहीं है। यह एक वैश्विक चुनौती है। पीएम ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि अफसोस की बात है कि आतंकवाद के मूल और प्रसार का एक देश भारत के पड़ोस में है। हम मानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदायों को आतंकी नेटवर्क के खिलाफ संकल्प के साथ कार्य करना चाहिए। आतंकवाद के खिलाफ कार्य करने की विफलता और चुप्पी आतंकवाद को प्रोत्साहित करती है।

इजराइल के राष्‍ट्रपति ने कहा कि भारत दोनों को ही आज आतंकवाद से बड़ा खतरा है, क्‍याेंकि दोनों ही आजादी की कीमत जानते हैं। उन्‍होंने कहा कि इसके खिलाफ कुछ न कहने वाले देश इसको बढ़ावा ही देते हैं। रिवलिन ने कहा कि भारत और इजराइल दोनों ही आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने के लिए तैयार हुए हैं|