आज से 500-1000 के पुराने नोट से पेमेंट बंद, 36% रकम ही बैंकों तक पहुंची, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन 70% बढ़े

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आज रात 12 बजे से 500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों का इस्तेमाल पूरी तरह बंद हो जाएगा। इस तरह नोटबंदी का पहला फेज खत्म हो जाएगा। अब लोगों के पास दो ही ऑप्शन बचेंगे। पुराने नोटों को बैंकों या पोस्ट ऑफिस से बदलवाएं या खाते में जमा करें। बता दें कि 8 नवंबर को नोटबंदी का एलान हुआ था। तब सरकार ने पुराने नोटों को हॉस्पिटल, रेलवे-एयरपोर्ट-सरकारी बसों के टिकट काउंटर और पेट्रोल पंप समेत 10 से ज्यादा जगहों पर छूट दी थी। शुरुआती छूट सिर्फ 72 घंटे के लिए थी। इसे बाद में 24 नवंबर तक बढ़ा दिया गया था। सरकार के इस फैसले के बाद देश में ऑनलाइन ट्रांजैक्शन में 70 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है|
किसी अकाउंट में कितना पैसा जमा कर सकते हैं?
 इसकी कोई लिमिट तय नहीं की गई। हालांकि, यह कहा गया कि किसी शख्स के एक या एक से ज्यादा अकाउंट्स में एक दिन में 50 हजार और नोट बदलने के लिए तय 50 दिन में 2.5 लाख से ज्यादा जमा होने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट उससे जवाब मांग सकता है।
 क्या नोट बदलवाने या जमा करने की भी कोई तारीख तय है?
बैंकों और पोस्ट ऑफिस से 500-1000 के पुराने नोट आप 30 दिसंबर 2016 तक ही बदलवा या जमा कर सकेंगे।
अगर मेरे पास 30 दिसंबर के बाद भी 500-1000 के पुराने नोट हुए तो फिर क्या करूं?
आप 31 मार्च 2017 तक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के ऑथोराइज्ड ऑफिसेज में एक डिक्लियरेशन फॉर्म भरकर इन्हें बदलवा सकते हैं।
सरकार ने क्या फैसला किया?
केंद्र सरकार ने 8 नवंबर रात 12 बजे से 500-1000 के पुराने नोट से लेनदेन बंद कर दिया। ट्रेन, एयर टिकट, अस्पताल, पेट्रोल पंप, गैस स्टेशन, बकाया बिल आदि जमा करने समेत करीब 17 जगहों पर इन नोटों से 24 नवंबर तक पेमेंट करने की छूट दी गई थी।
इन 17 जगहों पर अब नहीं चलेंगे पुराने नोट:
पेट्रोल पंप, सरकारी अस्पताल, ट्रेन-हवाई जहाज आैर मेट्रो के टिकट, दूध बूथ, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, बिजली-पानी बिल, शवदाह गृह/कब्रिस्तान, स्थानीय निकाय के पेंडिंग बिल/टैक्स, फार्मेसी, सिलेंडर, रेलवे कैटरिंग और स्मारकों के टिकट, कोर्टफीस, सहकारी स्टोर।
क्याें बंद किए गए 500-1000 के पुराने नोट?
भारत एक कैश बेस्ड इकोनॉमी है। यानी यहां ज्यादातर लेनदेन नगदी में होता है। इसलिए यहां बड़ी मात्रा में नकली करंसी खपाई जाती है। इसके अलावा लोग ब्लैकमनी के रूप में बड़े नोटों को घर में जमा करके भी रखते हैं।इस वजह से देश में पिछले पांच साल में 500 के नोटों की तादाद 76 फीसदी और 1000 के नोटों की तादाद 109 फीसदी बढ़ गई थी|
 इस फैसले से क्या हुआ?
अभी तक 500 रुपए के 1650 करोड़ नोट चलन में थे। यानी 8.25 लाख करोड़ रुपए। इसी तरह 1000 रुपए के 670 करोड़ नोट चलन में थे। यानी 6.70 लाख करोड़ रुपए। नोटबंदी का एलान 8 नवंबर रात 8 बजे हुआ। लागू रात 12 बजे से किया गया। इन चार घंटों में देश की 86% करंसी (15 लाख करोड़ रुपए) चलन से बाहर हो गई|
इस फैसले से कौन हुआ परेशान?
जिनके पास कैश ज्यादा था, लेकिन अकाउंट नहीं था। उनके पास दो ही ऑप्शन थे। या तो नोट बदलवाएं या नया खाता खोलकर उसमें पैसा जमा करें।एक दिन में नोट बदलवाने की लिमिट 4000 रुपए थी। बाद में यह 2000 कर दी गई।
बैंकों में नोट बदलने और कैश जमा करने की वजह से भारी भीड़ है। ऐसे में अकाउंट्स खाेलने का काम करीब-करीब ठप पड़ा है। शादी वाले घरों में काफी मुश्किल है। जिन लोगों ने पहले ही कुछ लाख रुपए तक की रकम निकाल ली थी वे इसे जमा करने या बदलवाने के लिए परेशान हो रहे हैं।शुरू में एक दिन में ATM से पैसे निकालने की लिमिट भी 2000 रुपए थी। नोटबंदी के 9 दिन बाद 17 नवंबर को एलान हुआ कि शादी के लिए 2.5 लाख रुपए तक निकाले जा सकते हैं।इसके 4 दिन बाद 21 नवंबर को आरबीआई ने इसकी गाइडलाइन जारी की। इस पर 9 शर्तें लगा दीं। इस तरह शादी वाले परिवारों को अपने ही खाते से 2.5 लाख रुपए तक की रकम निकालने में काफी सोचना पड़ रहा है। हालांकि, आम आदमी अब भी अपने खाते से एक हफ्ते में 24 हजार रुपए निकाल सकता है|लोगों ने ब्लैकमनी ठिकाने लगाने के क्या-क्या तरीके तलाशे?
सूत्रों के मुताबिक, पेट्रोल पंप, गैस स्टेशन, हॉस्पिटल जैसी जगहों पर लोगों ने ब्लैकमनी के रूप में जमा पुराने नोट ठिकाने लगाए, क्योंकि यहां 24 नवंबर तक पुराने नोट लेने की छूट थी। इसके लिए 25-30% कमीशन पर सौदा किया गया। यानी 1 करोड़ रुपए बदलने के लिए 30 लाख रुपए तक दिए।भारी मात्रा में सोना और कीमती घड़ियां खरीदी गईं। देश के सबसे बड़े सोना कारोबारी राजेश एक्सपोर्टस के चेयरमैन राजेश मेहता के मुताबिक, नोटबंदी के बाद 4 दिनों में ही देशभर में 20-25 टन सोना लोगों ने खरीदा।फ्लाइट और ट्रेन के एसी कोच के लिए महंगे टिकट बुक किए, ताकि बाद में उन्हें कैंसल करवाकर रकम बदली जा सके।  नोटबंदी के दो दिन बाद ही सेंट्रल रेलवे के पीआरओ अनिल सक्सेना ने कहा था कि ट्रेन के एस-1 के टिकटों की बुकिंग में 1000 फीसदी का इजाफा हो गया। बाद में रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन पर रिफंड की रकम अकाउंट में भेजने का फैसला किया। लोगों ने कमीशन देकर किसानों और दूसरों के खातों में भी काफी रकम जमा की|

इनकम टैक्स कब से नोटिस भेजेगा?
नोटिस भेजे जाने लगे हैं। एक हफ्ते पहले ही देशभर में ऐसे करीब 100 नोटिस भेजे गए थे। अाईटी डिपार्टमेंट ने पोस्ट ऑफिसेज और बैंकों को नोटिफिकेशन जारी किया है। उसमें कहा गया है कि किसी सेविंग अकाउंट में एक दिन में 50 हजार और नोट बदलने के लिए तय 50 दिन की लिमिट में 2.5 लाख रुपए से ज्यादा की रकम जमा होने पर उसकी सूचना आईटी डिपार्टमेंट को दी जाए। करंट अकाउंट के लिए 50 दिन में जमा की लिमिट 12.5 लाख रुपए है|