कन्नौज में अनोखा मामला, फोन पर तीन तलाक, बोला दूसरी शादी कर ली

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यूपी के कन्नौज में तीन तलाक का एक अनोखा मामला आया है, पति ने फोन पर तलाक दे दिया और बताया कि उसने दूसरी शादी भी कर ली है। यह सच तब सामने आया जब कई माह से खर्च न मिलने पर पीडि़ता ने दबाव बनाया। बीड़ी बनाकर पेट पालने वाली पीडि़ता ने थाने पहुंच गुहार लगाई है।

कन्नौज के गुरौली निवासी सोनी बानो ने बताया कि उसका मायका मोहब्बतपुर में है। 18 वर्ष पूर्व गुरौली के रहने वाले अनीस उर्फ पप्पू के साथ उनका निकाह हुआ था। उसके आठ बच्चे हैं। पति मुंबई में रहकर निजी कंपनी में काम करता है। डेढ़ साल से अनीस परिवार चलाने के लिए खर्च नहीं भेज रहा था। इस बीच घर नहीं आया। आठ बच्चों की गुजर-बसर करने के लिए बीड़ी बनाने का काम शुरू कर दिया। दो दिन पहले पति को फोन कर खर्च देने का दबाव बनाया। इस पर उसने फोन पर ही तीन तलाक दे दिया और दूसरी शादी कर लेने की जानकारी भी फोन पर दी। जब ससुराल वालों को पता चला तो उसे प्रताडि़त किया जाने लगा। ससुर सगीर, सास सायरा व देवर मुनीश ने मारपीट घर से निकाल दिया। पुलिस का कहना है कि पीडि़ता को न्याय दिलाने की कोशिश की जाएगी।

शौहर ने चिट्ठी में लिखकर तलाक दे दिया। अब बहनोई के साथ हलाला करने का दबाव बना रहा है। इससे परेशान महिला ससुराल पहुंची तो उसने साथ रखने से इन्कार कर दिया। हलाला की शर्त से घबराई पीडि़ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है। पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में हल्द्वानी के मुहल्ला तिकोनी चौराहा निवासी बशीर अहमद की बेटी शहनाज का निकाह करीब डेढ़ साल पहले शेरगढ़ थाना निवासी रईस अहमद से हुआ था। शहनाज का आरोप है कि निकाह के बाद शौहर एवं ससुराल वाले दहेज में बाइक के लिए दबाव बनाने लगे थे। पांच मई को वह मायके गई तो शौहर ने फोन कर पिता से बाइक दिलाने की जिद करने को कहा। इन्कार पर अंजाम भुगतने की धमकी देकर फोन काट दिया।

आठ मई को तीन तलाक लिख कर पत्र भेज दिया। घबराई शहनाज शौहर के घर पहुंची और तीन माह के बेटे का वास्ता देकर साथ रखने की गुहार लगाई। लेकिन शर्त रख दी गई कि घर में रहना है तो पहले बाइक लेकर आओ। बाद में बहनोई के साथ हलाला भी करना होगा। पीडि़ता ने समाज के लोगों व रिश्तेदारों से मदद मांगी, पर शौहर ने निर्णय बदलने से इन्कार कर दिया। हारकर शहनाज बरेली में सीओ जोगेंद्र लाल के पास शिकायत लेकर शनिवार को उनके ऑफिस पहुंची, लेकिन वे भी नहीं मिल सके तो उसने मुख्यमंत्री से शिकायत कर मदद मांगी है।