आजमगढ़ में सौतेली माँ ने अपनी जान देकर तीन बच्चों को बचाया

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आजमगढ़ में जब एक पिता अपने तीन बच्चों की जान लेने पर आमादा हो गया। तो सौतेली मां ने अपनी जान देकर उनकी जान बचाई|

बिलरियागंज थाना क्षेत्र के सियरहा ग्राम निवासी विनोद (35) पुत्र अर्जुन राम की शादी निजामाबाद थाना क्षेत्र के अल्लीपुर गांव में हुई थी। जिससे तीन बच्चे पुत्री उर्वशी (13), पुत्र जयकिशन (10) तथा बेटी खुशी (सात) हैं। लगभग दो वर्ष पूर्व पहली पत्नी का निधन होने के बाद बच्चों की परवरिश के लिए उसकी दूसरी शादी निजामाबाद क्षेत्र के शिवली ग्राम निवासी माया देवी (26) से हुई। माया की भी यह दूसरी शादी थी। पहले पति से उसे ढाई वर्ष की पुत्री जोया है। विदेश में रह कर जीविकोपार्जन करने वाला विनोद दो वर्ष पूर्व लौटा और दिल्ली में नौकरी करने लगा। वहां से चार माह पहले लौटा विनोद पत्नी माया व चारों बच्चों के साथ ससुराल चला आया। ससुरालवालों के अनुसार वह दिल्ली से लौटने के बाद गुमसुम रहता था। सोमवार को दिन में माया ने दांत में दर्द होने की बात कही। विनोद शाम करीब चार बजे दवा दिलाने के लिए उसे व तीनों बच्चों के साथ भदुली बाजार निकला था।

इसी बीच उसने तीनों बच्चों की हत्या की योजना बना ली और देर शाम तक बाजार में रुका रहा। अंधेरा होने के बाद वह ऑटो रिक्शा से पत्नी व बच्चों के साथ ससुराल के लिए रवाना हुआ, लेकिन वहां न जाकर वह शिवली गांव से पहले तमसा नदी पर बने पुल के पास उतर गया। कुछ दूर पैदल चलने के बाद वह अचानक अपने पुत्र जयकिशन को जमीन पर पटक कर उसका गला दबाने लगा। पति की हरकत से अवाक माया ने जब विरोध किया तो उसने सभी को जान से मारने की धमकी दी। इससे भयभीत माया ने पति को पकड़ तीनों बच्चों को पैदल ही ननिहाल भगा दिया। इससे आक्रोशित विनोद ने गला घोंटकर माया की हत्या कर दी और शव तमसा नदी में फेंक दिया।

बच्चों के वाकया बताने पर परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। माया के पिता पतिराज ने विनोद के खिलाफ निजामाबाद थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।