‘आर्थिक आजादी’ में पाकिस्तान, नेपाल, भूटान और बांग्लादेश से भी पिछड़कर 143वें पायदान पर भारत

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इस साल के आर्थिक आजादी सूचकांक में हांगकांग, सिंगापुर और न्यूजीलैंड अव्वल रहे हैं।125 पायदान के साथ नेपाल, 112वें पर श्रीलंका, 141 पर पाकिस्तान, 107वें पर भूटान और 128वें पर बांग्लादेश ने आर्थिक आजादी के मामले में भारत को पीछे छोड़ दिया है| दक्षिण एशियाई देशों में सिर्फ अफगानिस्तान 163 पायदान और मालदीव 157 पायदान के साथ भारत के नीचे हैं|

वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित आर्थिक आजादी के एक सूचकांक में भारत इस साल पिछड़कर 143वें पायदान पर पहुंच गया है। पिछले साल इस सूचकांक में भारत 123वें पायदान पर था। खास बात यह है कि अमेरिका के एक थिंकटैंक द्वारा तैयार किए जाने वाले इस सूचकांक में इस साल पाकिस्तान सहित अनेक दक्षिण एशियाई पड़ोसी देश भारत से बेहतर स्थिति में है। भारत के खराब प्रदर्शन के लिए थिंकटैंक की रिपोर्ट में बाजारोन्मुख सुधारों की दिशा समान रूप से प्रगति न हो पाने को जिम्मेदार ठहराया गया है|

हेरिटेज फाउंडेशन ने अपनी आर्थिक आजादी सूचकांक रिपोर्ट में कहा कि भले ही पिछले पांच साल में भारत की औसत सालाना विकास दर करीब सात फीसदी रही है, विकास को गहराई पूर्वक नीतियों में जगह नहीं दिया गया है, जो आर्थिक आजादी को संरक्षित करती है। राजनीतिक थिंकटैंक ने भारत को ‘अधिकांश रूप से अस्वतंत्र’ अर्थव्यवस्था की श्रेणी में रखा है और कहा है कि बाजारोन्मुख सुधारों की दिशा में प्रगति समान रूप से नहीं हो पा रही है|

रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के जरिए बहुतेरे क्षेत्रों में व्यापक रूप से मौजूदगी बनाए हुए है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रतिबंधात्मक और बोझिलकारी नियामकीय माहौल उद्यमिता को हतोत्साहित कर रहा है, जो इसकी जगह निजी क्षेत्र के विकास को बढ़ावा दे सकता था। यही नहीं, भारत को इस सूचकांक में मिले कुल 52.6 अंक गत वर्ष के मुकाबले 3.6 अंक कम हैं, जब भारत 123वें पायदान पर था|