एक मिस कॉल पर कट जाता है 60 रुपये का बैलेंस

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सावधान, मिस कॉल पर बिना देखे री-डायल करना महंगा पड़ सकता है। दूसरी ओर से कॉल रिसीव होते ही आपके मोबाइल फोन का बैलेंस उड़ जाएगा। दरअसल ये विदेशी मुद्रा अर्जित करने का एक गोरखधंधा है। जिसके जरिये विश्व के छोटे-छोटे देश प्राइवेट कंपनियों के सहारे फायदा उठा रही हैं। भारत में ऐसी कॉल मॉरिशस से ज्यादा आ रही हैं। जहां कॉल करने पर प्रति मिनट 60 रुपये की दर से बैलेंस कटता है।

विदेशी मुद्रा अर्जित करने के लिए छोटे-छोटे देश दूसरे देश की कंपनियों को आमंत्रित करते हैं। कंपनियों को विशेष सुविधा देते हैं। इसमें कई ठगी करने वाली कंपनियां भी पहुंच जाती हैं। ये उस देश के प्रशासन को बताती हैं कि वह नौकरी देने वाली एजेंसी हैं। भारत जैसे कई देशों से उनके पास कॉल आती हैं। आने वाली कॉल से विदेशी मुद्रा प्राप्त होगी। इसी के आधार पर ऐसी कुछ कंपनियों ने मॉरिशस सरकार से करार किया है। भारत जैसे अन्य देशों से आने वाली कॉल से मिलने वाली राशि का 20 फीसद मॉरिशस सरकार को और 80 फीसद कंपनी को मिलता है।

भारत से मॉरिशस का आइएसडी रेट 60 रुपये प्रति मिनट है। भारतीय समयानुसार आधी रात के बाद जब लोग गहरी नींद में होते हैं तब ये कंपनियां मोबाइल पर दो तीन बार मिस कॉल करती हैं। देश में अधिकांश मोबाइल उपभोक्ताओं के पास प्री-पेड कनेक्शन होता है। जिसमें आइएसडी की सुविधा स्वत: होती है। लोग कॉल को गंभीरता से लेते हुए बिना देखे ही मिस कॉल वाले नंबर पर कॉल कर देते हैं। कॉल रिसीव होते ही 60 रुपये कट जाते हैं। इस तरह की कॉल प्लस 960 के नंबर से शुरू होती हैं।

इस तरह की शिकायत आती हैं। शिकायत करने वालों की ओर से कॉल की गई होती है। इसलिए मॉरिशस में काम करने वाली कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाते हैं। लेकिन इसकी रिपोर्ट बनाकर संचार मंत्रालय को भेजी गई है।
राम शब्द यादव, प्रधान महाप्रबंधक, बीएसएनएल