एक अप्रैल से देश में बहुत कुछ बदल रहा है, जानिए आप पर क्या असर होगा

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एक अप्रैल से देश में काफी बदलाव होने जा रहे है, जानिए 12 बड़े बदलावों के बारे में…

1# अप्रैल से फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट 3 होगी
– देश का सबसे बड़ा बैंक SBI एक अप्रैल से होम ब्रांच में हर महीने तीन से ज्यादा फ्री कैश ट्रांजैक्शन नहीं करने देगा।
– नए नियम के मुताबिक, अगर आप महीने में 3 से ज्यादा ट्रांजैक्शन करते हैं तो आपको प्रति ट्रांजैक्शन 50 रुपए चुकाने होंगे।
2# एसबीआई में होगा 6 बैंकों का विलय
– एक अप्रैल से एसबीआई का स्वरूप भी बदलने जा रहा है। उसमें 6 बैंकों का विलय होगा। विलय होने वाले बैंकों के कस्टमर एक अप्रैल से एसबीआई के कस्टमर होंगे।
– जिन बैंकों का विलय हो रहा है, उनमें स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, भारतीय महिला बैंक, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला और स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर शामिल हैं।
– 5 बैंकों के विलय से एसबीआई का एसेट बेस करीब 37 लाख करोड़ रुपए (555 अरब डॉलर) होगा। साथ ही 22500 ब्रांच और 58 हजार एटीएम होंगे। नए बैंक के 50 करोड़ से ज्यादा कस्टमर होंगे। इसके बाद एसबीआई दुनिया के टॉप-50 बैंकों में शामिल हो जाएगा।
3# कैश लिमिट
– केंद्र सरकार का प्रपोजल है कि कैश ट्रांजैक्‍शन लिमिट को 3 लाख रुपए से घटाकर 2 लाख रुपए कर दिया जाए। यानी 2 लाख रुपए से ज्यादा के कैश ट्रांजैक्‍शन अमाउंट को इलीगल माना जाएगा। तय लिमिट से जितना ज्यादा कैश ट्रांजैक्‍शन होगा, उतनी ही पेनल्टी लगेगी।
– फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने मंगलवार को फाइनेंस बिल पेश किया था। इस बिल में कैश ट्रांजैक्‍शन की लिमिट में बदलाव को प्रपोज किया गया है। इस पर सरकार को संसद की मंजूरी लेनी होगी।
– अगर संसद इसे मंजूर करती है तो नया नियम 1 अप्रैल से लागू हो जाएगा।
– बता दें कि केंद्र सरकार ने ब्लैक मनी पर लगाम लगाने को लेकर एक एसआईटी गठित की थी। इसने भी अपनी सिफारिश में 3 लाख रुपए से ज्यादा के कैश लेन-देन पर रोक लगाने को कहा था।
पेनल्टी कितनी लगेगी?
– अगर बदलावों को संसद की मंजूरी मिल जाती है तो पेनल्टी की रकम उतनी ही होगी, जितनी एक्‍स्‍ट्रा रकम कैश में ली गई है। यानी अगर किसी ने 5 लाख रुपए कैश में लिए हैं, तो उसे 3 लाख रुपए की पेनल्टी देनी पड़ेगी।
4# अकाउंट में मिनिमम बैलेंस नहीं तो बैंक लगा सकते हैं जुर्माना
– केंद्र सरकार ने कहा है कि अकाउंट्स में मिनिमम बैलेंस नहीं रहने पर बैंक पेनल्टी लगा सकते हैं, लेकिन इस पर लगाई जाने वाली लेवी रीजनेबल होना चाहिए। सर्विस देने की एवरेज कास्ट के हिसाब से ही जुर्माना होना चाहिए। फाइनेंस मिनिस्टर (स्टेट) संतोष कुमार गंगवार ने राज्यसभा में यह जानकारी दी थी।
– गंगवार ने कहा कि रिजर्व बैंक की गाइडलाइन के मुताबिक, मिनिमम बैलेंस की रकम में बदलाव की जानकारी अकाउंटहोल्डर्स को एक महीने पहले देनी चाहिए। यह भी बताएं कि खाते में तय रकम नहीं रखने पर कितनी पेनल्टी वसूली जाएगी।
– देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई समेत देश के कई बैंक मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर जुर्माना वसूलने जा रहे हैं। एसबीआई एक अप्रैल से ऐसे ग्राहकों से जुर्माना वसूलेगा।
– मेट्रो सिटीज में एसबीआई अकाउंट होल्डर्स को मिनिमम 5,000 रुपए बैलेंस रखना होगा। वहीं, अर्बन एरिया में यह लिमिट 3,000, सेमी-अर्बन एरिया में 2,000 रुपए रहेगी।
5# मेल-एक्सप्रेस के किराए में कर सकेंगे राजधानी-शताब्दी में सफर
– इंडियन रेलवे एक अप्रैल से ‘विकल्प’ स्कीम लॉन्च करने जा रहा है।
– इसके लागू होने के बाद वो पैसेंजर भी शताब्दी और राजधानी एक्प्रेस जैसी लग्जरी ट्रेन में सफर कर सकेंगे, जिनके पास मेल या एक्सप्रेस ट्रेन के टिकट हैं।
– रेलवे का कहना है कि इस स्कीम से उसे टिकट रिफंड कम करना पड़ेगा जो सीधे तौर पर रेलवे के लिए फायदेमंद साबित होगा।
– विकल्प स्कीम के तहत वो वेटिंग टिकट वाले पैसेंजर अगली अवेलेबल ट्रेन में कन्फर्म सीट पा सकते हैं। लेकिन इसके लिए आपको टिकट बुकिंग के वक्त ही जानकारी देनी होगी कि आप विकल्प स्कीम लेना चाहते हैं।
– इस फैसिलिटी से बिना एक्स्ट्रा चार्ज दिए शताब्दी या राजधानी जैसी लग्जरी ट्रेनों में सफर किया जा सकेगा। फिलहाल, ये सुविधा ऑन लाइन टिकट पर ही है। लेकिन रेलवे जल्द ही इसे बुकिंग काउंटर से भी शुरू होगा। इसके लिए सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है।
– एक रेलवे अफसर के मुताबिक- हम हर साल टिकट कैंसिलेशन पर 7,500 करोड़ रुपए रिफंड देते हैं। ये तब होता है जबकि कई बिजी रूट्स पर भी कई ट्रेनों में बर्थ खाली रहती हैं। इस स्कीम से बर्थ भी खाली नहीं रहेंगी और पैसेंजर का सफर भी पूरा हो जाएगा। दोतरफा फायदा होगा। रिफंड बचना मुनाफा ही है।
6# कार, बाइक और हेल्थ का इन्श्‍योरेंस प्रीमियम महंगा
– 1 अप्रैल से कार, बाइक और हेल्थ का इन्श्‍योरेंस प्रीमियम महंगा हो जाएगा। इन्श्योरेंस रेग्युलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (IRDAI) ने इसके लिए मंजूरी दे दी है। हालांकि, कमीशन ने ये भी साफ कर दिया है कि बदलाव के बाद भी प्रीमियम में 5% से ज्यादा की बढ़ोत्तरी नहीं की जा सकेगी।
– IRDAI का कहना है कि बीमा कंपनियां एजेंट को दिए जाने वाले कमीशन और रिम्यूनरेशन रेट का रिवीजन कर सकती हैं।
– इसके अलावा एजेंटों की हौसला अफजाई करने के लिए रिवॉर्ड सिस्टम भी इंट्रोड्यूस किया जा रहा है। हालांकि, इन सबके बाद भी मौजूदा रेट में 5 फीसदी तक ही प्रीमियम बढ़ोत्तरी की जा सकती है।
बीमा कंपनियों को देना होगा सर्टिफिकेट
– IRDAI कहना है कि बीमा कंपनियों को यह भी सर्टिफिकेट देना होगा कि जो पॉलिसी पहले सोल्ड हो चुकी हैं, उनमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया जाएगा। सर्टिफिकेट में यह भी साफ बताना होगा कि प्रीमियम रेट में इस तरह का कोई बदलाव नहीं होगा, जिससे पॉलिसी होल्डर को नुकसान हो।
कार, बाइक थर्ड पार्टी इन्श्‍योरेंस भी महंगा
– कार, बाइक इन्श्‍योरेंस का प्रीमियम बढ़ने के साथ ही 1 अप्रैल से थर्ड पार्टी इन्श्‍योरेंस भी महंगा हो जाएगा। IRDAI ने थर्ड पार्टी मोटर बीमा प्रीमियम बढ़ाने के लिए जरूरी कैलकुलेशन करने के बाद इसे मंजूरी दे दी है।
7# 1 अप्रैल से BS-III नॉर्म वाली गाड़ियां नहीं बिकेंगी
– सुप्रीम कोर्ट ने लोगों की सेहत का हवाला देकर देशभर में बीएस-3 गाड़ियां बेचने और उनके रजिस्ट्रेशन पर रोक लगा दी। एक अप्रैल के बाद सिर्फ बीएस-4 इमिशन स्टैंडर्ड वाली गाड़ियां ही बेची और रजिस्टर्ड हो सकेंगी।
– कंपनियों के स्टॉक में बीएस-3 की करीब 8.24 लाख गाड़ियां हैं। करीब 12 हजार करोड़ रुपए के नुकसान की दुहाई देते हुए उन्होंने यह स्टॉक बेचने की मंजूरी मांगी थी। लेकिन जस्टिस एमबी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच ने मांग खारिज कर दी।
– बेंच ने कहा, “कंपनियों के फायदे के लिए लोगों का स्वास्थ्य खतरे में नहीं डाल सकते। कंपनियां जानती थीं कि 1 अप्रैल, 2017 से सिर्फ बीएस-4 गाड़ियां ही बिकेंगी। फिर भी स्टॉक क्यों बढ़ाते रहे?”
– सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) एवं अन्य ने स्टॉक निकालने की इजाजत मांगी थी। वहीं, बजाज ने बीएस-4 तकनीक पर इन्वेस्टमेंट का हवाला देकर बीएस-3 पर रोक की मांग की।
– उधर, केंद्र ने ऑटो कंपनियों का समर्थन करते हुए कहा कि 1 अप्रैल के बाद बीएस-3 वाहन के प्रोडक्शन पर रोक है, बिक्री और रजिस्ट्रेशन पर नहीं।
– सियाम के मुताबिक, कंपनियों के पास बीएस-3 स्टेंडर्ड की 8.24 लाख गाड़ियां हैं। इनमें 6,71,308 मोटरसाइकिल, 40,048 थ्री व्हीलर, 96,724 कमर्शियल वाहन और 16,198 कार हैं। साल 2010 से मार्च, 2017 तक 41 कंपनियों ने 13 करोड़ बीएस-3 व्हीकल्स बनाए हैं।
8# टिकट बुक करने के लिए सीनियर सिटिजंस को आधार जरूरी नहीं
– सीनियर सिटिजंस को रेल टिकट बुक कराने के लिए के लिए आधार कार्ड जरूरी नहीं है। रेलवे मिनिस्टर सुरेश प्रभु ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में कहा, “टिकट में छूट हासिल करने के लिए सीनियर सिटिजंस को आधार कार्ड देना जरूरी नहीं है, लेकिन उनका एक डाटाबेस तैयार करने की प्रॉसेस शुरू की गई है।
– सुरेश प्रभु ने कहा, “1 जनवरी से रेलवे प्री-वेरिफिकेशन के आधार पर सीनियर सिटिजन्स का डाटा बेस तैयार कर रहा है।”
– “इस सिस्टम के चलते ये निश्चित किया जा सकेगा कि सीनियर सिटिजन्स को मिलने वाली छूट का कोई गलत इस्तेमाल नहीं कर सके। कई बार लोग गलत नाम देकर इस छूट का इस्तेमाल करते हैं, ऐसे में डाटा बेस काम आएगा। इसके अलावा इसका इस्तेमाल डिसीजन मेकिंग में किया जाएगा।”
9# एक अप्रैल से हाईवे पर सफर महंगा हो सकता है
– एक अप्रैल से नेशनल हाईवे के टोल पर 2 से 3% तक टैक्स ज्यादा देना पड़ सकता है। रेट बढ़ने से कमर्शियल से सामान्य वाहन चालकों को 5 से 10 रुपए एक्स्ट्रा टोल टैक्स देना होगा। इससे जुड़े एनएचएआई का आदेश 31 मार्च की आधी रात से लागू हो जाएगा।
10# H-1B वीजा के लिए 3 अप्रैल से ली जाएंगी एप्लिकेशन
– अमेरिका 2018 के लिए H-1B वीजा के लिए एप्लिकेशन 3 अप्रैल से लेना शुरू करेगा।
– इस एलान के बाद माना जा रहा है कि ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन शायद इस साल वीजा नियमों में बदलाव न करे।
– हालांकि, अभी इस वीजा प्रोग्राम को लेकर स्थिति साफ नहीं है। इंडियन आईटी फर्म्स और प्रोफेशनल्स के बीच इस वीजा की सबसे ज्यादा डिमांड है।
– पिछले सालों से उलट, यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेस (यूएससीआईएस) के ऑफिसर्स ने यह नहीं बताया है कि H-1B वीजा के लिए एप्लिकेशन्स कब तक ली जाएंगी।
– हर साल 1 अप्रैल को एच-1बी वीजा के लिए एप्लिकेशन मंगाई जाती रही हैं। आमतौर पर डिपार्टमेंट पहले पांच बिजनेस डेज में एप्लिकेशन्स लेता है।
– पिछले कुछ सालों में डिपार्टमेंट को बड़ी तादाद में एप्लिकेशन्स मिलीं, जो अमेरिकी संसद से तय 85000 H-1B वीजा की लिमिट को पूरा करने के लिए काफी थीं।
– 85000 में से 65000 वीजा दूसरे देश के इम्प्लॉइज के लिए और 20 हजार अमेरिकी यूनिवर्सिटीज में मास्टर्स डिग्री करने वाले दूसरे देशों के स्टूडेंट्स को जारी किए जाते हैं।
– इस बार इस वीजा की शुरुआती प्रॉसेस आगे नहीं बढ़ पाई, क्योंकि यूएससीआईएस ने इस पर छह महीने के लिए बैन लगा दिया था।
11# कर रिटर्न फॉर्म और सरल, 1 अप्रैल से ई-फाइलिंग शुरू
– एक अप्रैल से इनकम टैक्स रिटर्न भरना और आसान होगा। शनिवार से नया व छोटा सरल फॉर्म मिलने लगेगा।
– व्यक्तिगत करदाताओं के लिए फॉर्म में सूचना के लिए पहले से कम खाने होंगे। आय कटौती के दावों से जुड़े कुछ खानों को आईटीआर-1 फॉर्म में शामिल कर दिया गया है।
– नए नियमों के तहत 5 लाख रुपए तक की टैक्‍सेबल इनकम वालों के लिए 1 पेज का इनकम टैक्‍स रिटर्न फॉर्म पेश किया गया है। यानी इस कैटेगरी के लिए इनकम टैक्‍स रिटर्न भरना आसान हो गया है। इसका फायदा बिजनेस करने वालों को भी मिलेगा।
12# 319 रुपये में रोज 2 जीबी डाटा, अपने नेटवर्क पर फ्री कॉलिंग देगा MTNL
-एमटीएनएल ने एक अप्रैल से अपने 319 रुपए के नए प्लान का एलान किया है। इसमें कस्टमर को रोज 2GB 3जी डाटा और अपने नेटवर्क पर अनलिमिटेड कॉल की फैसिलिटी मिलेगी।
– कंपनी ने एक बयान में कहा कि उसकी 31वीं एनिवर्सिरी पर वह दिल्ली और मुंबई में अपने ग्राहकों को यह सौगात दे रही है।
– कंपनी ने ये भी कहा कि 319 रुपए का प्लान 28 दिन की वैलिडिटी वाला होगा। इस प्लान में यूजर्स को दूसरे नेटवर्क पर भी 25 मिनट की फ्री कॉल मिलेगी। इसके बाद दूसरे नेटवर्क पर 25 पैसे/मिनट के हिसाब से चार्ज लिया जाएगा।
अब इस सब क्या असर होगा वो तो आने वाले समय में ही पता चलेगा