तमाशा में 17 साल के लड़के को 5 फीट गहरे गड्ढे में दबाया, मौत

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17 साल के सुमित ने 18 जून को साइकिल चलानी शुरू की और हफ्तेभर तक रुका ही नहीं. गांववालों का कहना है कि करतब दिखाने वाले एक ग्रुप के साथ आए सुमित ने न केवल 7 दिन तक लगातार साइकिल चलाई बल्कि उसके बाद उसी ग्रुप के लोगों ने उसे पांच फीट गहरे गड्ढे में यह कहकर दबा दिया कि 24 घंटे बाद वह जिंदा निकल आएगा. लेकिन 25 जून की रात साढ़े 11 बजे सुमित बेहोशी की हालत में गड्ढे से निकाला गया औऱ अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया. सुमित को गड्ढे में दबाने और जान लेने के आरोप में पुलिस ने एक FIR दर्ज की और चार लोगों को गिरफ्तार किया है.

17 जून को पानीपत के चुलकाणा गांव में कुछ लोग करतब दिखाने के लिए आए थे और उन्होंने इसके जरिए पैसे इकट्ठे किए. गांववालों का कहना है कि जब समित को गड्ढे में डाला गया तो उसके बाद ग्रुप के मुखिया ने उसे निकालने के लिए 11 हजार की मांग की. गांववालों ने इस तमाशे के लिए 8 हजार जमाकर कर बच्चे को बाहर निकालने को कहा, लेकिन ग्रुप के मुखिया 11 हजार की मांग पर अड़ा रहा.

मामले की जांच कर रहे एसएचओ जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस तरह के करतबों की बात उन्होंने सुनी थी, लेकिन पहला मामला उनके सामने आया है जहां किसी की इस तरह मौत हुई हो. पुलिस इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर जांच कर रही है. करतब दिखाने वाले लोग सुमित के गांव कुराड़ के ही हैं जो चुलकाणा गांव से 40 किलोमीटर दूर है.

सुमित के पिता मामचंद ने कहा, ‘उसके बेटे को अच्छे पैसों पर मजदूरी का लालच देकर कुराड़ गांव से ले गए थे. सुमित का भाई और नानी इस दौरान चुलकाणा गांव पहुंचे थे जब उसे दबाया गया था. उन्होंने भी सुमित को गड्ढे से निकालने की फरियाद की थी, लेकिन उन्हें पैसे का लालच देकर चुप करवा दिया गया.’ अब जहां सुमित के माता-पिता इसे हत्या का मामला बता रहे हैं, गांव के लोगों ने माना कि ऐसे खेल पहले भी होते रहे हैं, लेकिन सुमित के मामले में बहुत लापरवाही बरती गई.