गोरखपुर BRD अस्पताल में 5 दिनों में 60 मौत, सरकार ने कहा- ऑक्सीजन नहीं है वजह

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गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से हुई 30 बच्चों की मौत पर सरकार का दावा है कि ऑक्सीजन की कमी से किसी रोगी की मौत नहीं हुई है। जिलाधिकारी मौके पर रहकर हालात का जायजा ले रहे हैं। मीडिया में दिखाई जा रही रिपोर्ट को भ्रामक बताते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता ने यह बात कही है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में भर्ती सात मरीजों की मौत अन्य कारणों से हुई है न कि ऑक्सीजन की कमी से।

इस बारे में यूपी सरकार के मेडिकल एजुकेशन मिनिस्टर आशुतोष टंडन ने कहा कि ऑक्सीजन की सप्लाई की कमी से कोई मौत नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि सात की मौत आज हुई, पर ये मौतें ऑक्सीजन की कमी से नही हुई।

आशुतोष टंडन ने कहा कि मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दि्ए गए हैं, जिसकी रिपोर्ट 24 घंटों के अंदर आ जाएगी।

वहीं बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के डॉक्टरों ने आकड़ा जारी करते हुए बताया कि 5 दिनों में कुल 60 मौत हुईं। लेकिन इनमें से एक भी मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई है।

इससे पहले, खबर आई थी कि ऑक्सीजन ठप होने की वजह से यह हादसा हुआ। 68 लाख रुपये की बकायेदारी होने के बाद ठेकेदार ने हाथ खड़े कर दिए। इस वजह से अस्पताल की ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित हो गई। सभी बच्चे महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर और कुशीनगर के बच्चे हैं। गोरखपुर के डीएम ने भी 30 बच्चों की मौत की पुष्टि की है।

सीएम योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक के एक दिन बाद ही बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जानलेवा लापरवाही सामने आई है। ऑक्सीजन सप्लाई ठप होने से पिछले 36 घंटे में मेडिकल कॉलेज में भर्ती 48 लोगों की मौत हो गई। इनमें 30 मासूम और 18 अन्य गंभीर मरीज मेडिसिन वार्ड के बताए जा रहे हैं।

इसमें स्वाइन फ्लू से पीड़ित और वेटींलेटर पर डाली गई एक महिला का नाम भी शामिल है। गुरुवार से शुरू हुए संकट पर काबू पाने में मेडिकल कॉलेज प्रशासन नाकाम रहा जो शुक्रवार को मासूमों के लिए काल बन गया। इसकी सूचना पाते ही डीएम राजीव रौतेला और सीएमओ सहित तमाम अफसर मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी ली है।

माना जा रहा है कि लापरवाह अफसरों पर जल्द ही गाज गिरेगी। बहरहाल, डीएम ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी बना दी है। यह कमेटी शनिवार को दोपहर 12 बजे तक रिपोर्ट देगी।

गौरतलब है कि पूर्वांचल में इंसेफेलाइटिस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस वर्ष अब तक मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस के 504 मरीज भर्ती हुए हैं। और अब आक्सीजन सप्लाई ठप होने के चलते महज 48 घंटों में 30 नौनिहालों की मौत हो गयी है।