5 साल बाद सीरियाई सेना का अलेप्पो पर कब्जा

12
SHARE
सीरिया के दूसरे बड़े शहर अलेप्पो पर सीरियाई आर्मी का कब्जा हो गया है। अब आर्मी ने यहां फंसे 50 हजार से ज्यादा लोगों को निकालने का अभियान शुरू किया है। ग्रीन कॉरिडोर बनाकर लोगों को निकाला जा रहा है। इस ग्रीन कॉरिडोर में 20 बसें, 10 एम्बुलेंस और विद्रोहियों की 100 से ज्यादा गाड़ियां हैं। इन्हें समझौते के तहत विद्रोहियों के कब्जे वाले इदलीब ले जाया जा रहा है|
दरअसल, सीरिया और उसके मददगार देश रूस ने विरोधी गुट को समर्थन दे रहे तुर्की के साथ समझौता किया है। इसके तहत लड़ाकों को पूरा सम्मान दिया जाएगा।ऐसे में, अगर दोनों पक्षों के बीच कोई राजनीतिक समझौता और संघर्ष विराम नहीं होता है तो इदलीब अगला अलेप्पो बन सकता है।यहां भी विद्रोहियों और सीरिया के प्रेसिडेंट बशर अल-असद की आर्मी बीच जंग शुरू हो सकती है।कभी अलेप्पो दुनियाभर में मस्जिदों के लिए जाना जाता था। यूनेस्को ने इसे वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा दिया था।बीते 5 साल में यहां 3 लाख लोग मारे गए। इनमें एक लाख बच्चे हैं।यूनिसेफ ने इसे सबसे खतरनाक शहर घोषित किया है|
रूस ने कहा कि ईस्ट अलेप्पो पर सीरियाई सरकार का पूरी तरह कंट्रोल होने के बाद संघर्ष खत्म कर शांति बहाल करने का मौका मिलेगा।डिफेंस मिनिस्ट्री के एक अफसर सर्जेई रुड्सकोई ने कहा कि सभी नागरिक और ज्यादातर विद्रोही लड़ाके विद्रोहियों के कंट्रोल वाले जिलों से बाहर आ चुके हैं और 3400 से अधिक विद्रोहियों ने अपने हथियारों को आर्मी के सामने सरेंडर किया।रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जापान दौरे के दौरान कहा कि उन्होंने और तुर्की के प्रेसिडेंट रूसेप तैयप एर्दोगन ने अमेरिका और यूनाइटेड नेशन्स को शामिल किए बिना सीरिया में शांति बहाली के लिए प्लान बनाया है।अमेरिका की नेतृत्व वाली गठबंधन आर्मी ने सीरियाई शहर पलमायरा पर आईएसआईएस को निशाना बनाकर हवाई हमले किए।आर्मी ने एक बयान जारी कर बताया कि इस हवाई हमले में आतंकवादियों के 14 टैंकों को ध्वस्त कर दिया|