नक्सलियों के खिलाफ जारी अभियान मे अब तक 20 माअोवादी मारे गए

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सीआरपीएफ के आइजी देवेंद्र चौहान ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर की सीमा पर सीआरपीएफ, कोबरा, एसटीएफ और डीआरजी के 350 जवानों ने नक्सलियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा करीब 96 घंटे का ऑपरेशन चलाया है।

इसमें 20 नक्सली मारे गए हैं। हालांकि, किसी का शव बरामद नहीं हुआ है। वहीं इस दौरान एक जवान शहीद हुआ व दो घायल हुए हैं। आइजी ने नक्सलियों के नाम संदेश दिया कि मुठभेड़ के दौरान यदि कभी घिर जाएं तो समर्पण कर दें। उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।

चौहान मंगलवार को एसपी कार्यालय में पत्रकार वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान ग्रामीणों ने जवानों की काफी मदद की। बासागुडुा क्षेत्र के पूवर्ती, रायगुडम व चिन्नाबोडकेल के जंगलों में 13 से 15 मई तक नक्सलियों के खिलाफ पहली बार बड़ा ऑपरेशन चलाया गया। इसमें 350 जवानों ने करीब 200 नक्सलियों को घेरने की कोशिश की थी।

नक्सलियों के रेडियो ट्रांसमिशन को ट्रेस करने पर खुलासा हुआ कि करीब 20 नक्सली मारे गए हैं, जिनके शव साथी ले जाने में सफल हुए। आइजी ने बताया कि विषम परिस्थितियों व गर्मी के मौसम में जवानों ने दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में नई रणनीति व नए फार्मेट का उपयोग करते हुए अभियान चलाया। पहली बार ऐसा देखने में आया कि नक्सली कोबरा की वर्दी का इस्तेमाल कर रहे हैं।

आइजी ने बताया कि पूरी टीम वापस आ चुकी है जबकि एक अन्य टीम गोपनीय तौर पर एक बड़े ऑपरेशन पर जंगल में प्रवेश कर चुकी है। आइजी चौहान ने वायुसेना के सहयोग की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि घायल जवानों को घटनास्थल से लाने में सही समय पर मदद की। पहली बार सेना के हेलीकॉप्टर से अभियान क्षेत्र में जवानों को रसद पहुंचाई गई। शहीद सुलभ उपाध्याय के पार्थिव देह गृहग्राम यूपी रवाना किया गया। सड़क निर्माण पर सुरक्षा को लेकर पूछे गए सवाल पर आइजी ने कहा कि सड़क सुरक्षा तीन सप्ताह के लिए स्थगित की गई थी, लेकिन अब सुरक्षा में जिला बल के साथ सीआरपीएफ को लगाया जाएगा।

सुकमा : कोबरा और जिला पुलिस बल ने चिंतागुफा थाना क्षेत्र से तीन व चिंतलनार थाना क्षेत्र से पांच नक्सलियों को गिरफ्तार कर मंगलवार को स्थानीय न्यायालय में पेश किया जहां से सभी को जेल भेज दिया गया। इधर, भेज्जी पुलिस ने एक स्थायी वारंटी नक्सली को भी गिरफ्तार किया है।

एसपी अभिषेक मीणा ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते बताया कि चिंतलनार थाना क्षेत्र के लखापाल निवासी मड़कम केशा (25), चिंतलनार के रेवालीपारा निवासी ताती कोसा (25), दुरनदरभा निवासी कुंजाम बिचेम (26), किस्टाराम निवासी रवा देवा (25), तोंगगुडा निवासी कुंजाम आयतु (50) व मड़कम भीमा (52) व चिंतागुफा थाना क्षेत्र के चिंतागुफा निवासी माडवी देवा (30), मिनपा के पटेलपारा निवासी ओयम हडमा (21) पर इसी साल सात मार्च को बुरकापाल के पूर्व सरपंच माडवी दुला की हत्या करने, 25 अप्रैल को सीआरपीएफ जवानों की रोड ओपनिंग पार्टी पर हमला कर हथियार लूटने के कई आरोप हैं।

source-DJ