1800 IAS ऑफिसर्स ने अब तक नहीं दी प्रॉपर्टी की जानकारी, सबसे ज्यादा 255 UP के

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देश के 1800 IAS ऑफिसर्स ने अपनी इम्मूवेबल प्रॉपर्टीज (अचल संपत्तियों) का सरकार को ब्योरा नहीं दिया है। 2016 के लिए यह रिटर्न इस साल जनवरी के आखिरी तक देनी थी। इनमें सबसे ज्यादा 255 ऑफिसर्स उत्तर प्रदेश कैडर के हैं। इसके बाद 153 राजस्थान के, 118 मध्य प्रदेश के, 109 वेस्ट बंगाल के और 104 अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम- यूनियन टेरेटरीज के हैं।

सभी IAS अॉफिसर्स को जनवरी के आखिरी तक इम्मूवेबल प्रॉपर्टीज रिटर्न (IPRs) देना जरूरी हाेता है। ऐसा नहीं करने पर ऑफिसर्स के प्रमोशन और लिस्ट में शामिल करने पर रोक लगाई जा सकती है। पर्सनल एंड ट्रेनिंग डिपार्टमेंट (DoPT) के डाटा के मुताबिक, 2016 के लिए 1856 IAS ऑफिसर्स ने IPR नहीं दिया है।

नियमों के मुताबिक, सिविल सर्विसेज ऑफिसर्स को भी सरकार को अपनी प्रॉपर्टी और कर्ज का ब्योरा देना होता है। इसके अलावा ऑफिसर्स सरकार की परमिशन बगैर 5000 से ज्यादा का गिफ्ट भी नहीं ले सकते। अगर वो अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से भी 25000 से ज्यादा का गिफ्ट ले रहे हैं तो इसके बारे में सरकार को बताना होता है।

किस राज्य के कितने अफसर?
कर्नाटक- 82, आंध्र प्रदेश- 74, बिहार- 74, ओडिशा, असम, मेघालय- 72-72, पंजाब- 70, महाराष्ट्र- 67, मणिपुर-त्रिपुरा- 64-64, हिमाचल प्रदेश- 60, गुजरात- 56, झारखंड- 55, हरियाणा- 52, जम्मू-कश्मीर- 51, तमिलनाडु- 50, नागालैंड- 43, केरल- 38, उत्तराखंड- 33, सिक्किम- 29, तेलंगाना- 26