सहारनपुर हिंसा में 180 दलित परिवारों ने किया धर्म परिवर्तन

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सहारनपुर में जातीय हिंसा के बाद गांव रूपड़ी, ईगरी व कपूरपुर के 180 परिवारों ने हिंदू धर्म का त्याग कर बौद्ध धर्म अपना लिया। आज घर में रखीं देवी-देवताओं की मूर्तियां नहर में प्रवाहित कर दीं। मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों ने मनाने की कोशिश की तो सीधी चेतावनी दे दी कि गिरफ्तार दलितों को न छोड़ा गया और मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो जिले के सारे दलित बौद्ध धर्म अपना लेंगे। दरअसल यहां हिंसा और दहशत फैलाने का दौर अभी जारी है।

गुरुवार अपराहन तीन बजे थाना कुतुबशेर के गांव रूपड़ी, ईगरी व कपूरपुर के 180 परिवारों के लोग मानकमऊ नहर घाट पहुंचे। यहां इनका नेतृत्व कर रहे लोगों में से एक दीपक ने आरोप लगाया कि पुलिस-प्रशासन जानबूझकर दलितों का उत्पीडऩ कर रहा है। दलितों के नेता चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ साजिश के तहत निशाना साधा जा रहा है। हिंदू धर्म में हम सुरक्षित नहीं हैं। कुछ हिंदुओं की बदौलत हमारे लोगों को जेल जाना पड़ रहा है। दीपक ने बताया कि मौके पर पहुंचे एएसपी सुरेंद्र दास व इंस्पेक्टर कुतुबशेर नरेंद्र कुमार शर्मा को हमने लिखकर दे दिया है कि बौद्ध धर्म अपना लिया है। गांव रूपड़ी के प्रधान बिजेंद्र ने जानकारी से इंकार किया है। डीआइजी सहारनपुर रेंज जेके शाही के मुताबिक यह उनका निजी मामला है। जातीय हिंसा के मामले में किसी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं होगी। जांच चल रही है, दोषियों पर ही कार्रवाई होगी।
सहारनपुर में अमन को पलीता लगाने वाले अराजक तत्व बाज नहीं आ रहे हैं। खुद को भीम आर्मी का बताते हुए एक युवक ने सोशल मीडिया पर बेहद आपत्तिजनक और भड़काऊ वीडियो वायरल किया है। हाथ में एकनाली बदूंक थामे अपना नाम अरुण बता रहा यह युवक अभद्र भाषा में रसूलपुर गांव के अमित राणा को मारने की धमकी दे रहा है। तीस सेकेंड के इस वीडियो में अरुण खुद को दलित व भीम आर्मी से जुड़ा बता रहा है। रसूलपुर वहीं गांव है, जहां के सुमित राणा की पांच मई को शब्बीरपुर की जातीय हिंसा में हत्या कर दी गई थी। डीआइजी जेके शाही ने बताया कि आरोपी को जेल भेजा जाएगा।

सहारनपुर के बडग़ांव थानाक्षेत्र के शब्बीरपुर, महेशपुर व शिमलाना गांवों में फिर तनाव व अफरातफरी मच गई। दलितों के टकराव की तैयारी की आशंका पर पुलिस-प्रशासन ने ठाकुरों की पंचायत नहीं होने दी। ठाकुरों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले भीम आर्मी के संस्थापक चन्द्रशेखर की गिरफ्तारी को लेकर सपा नेता कार्तिकेय राणा द्वारा गांव शिमलाना में यह पंचायत आहूत की गई थी। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर बिना अनुमति पंचायत पर अड़े कार्तिकेय राणा के खिलाफ बडग़ांव थाने में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी को कई स्थानों पर दबिश डाली। पुलिस के इशारे पर मंदिर के पुजारी ने पंचायत को आए लोगों को अंदर नहीं आने दिया। बाद में प्रशासन बैकफुट पर आ गया। गांव भायला में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता के बाद कर्तिकेय ने मुख्यमंत्री को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन एडीएम प्रशासन को दिया।

source-DJ