सपा MLA समेत 16 से पूछताछ, 49 जांच के घेरे में, CCTV कैमरे होते है सेशन से आधे घंटे पहले ही चालू

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यूपी विधानसभा में PETN एक्सप्लोसिव मिलने के बाद शुक्रवार की रात और शनिवार को एटीएस की टीम ने विधानसभा के सिक्युरिटी इंतजामों की जांच की। पता चला कि सदन के अंदर लगे 6 CCTV कैमरों को सेशन शुरू होने से महज आधे घंटे पहले ही चालू किया जाता है। इनमें से पांच कैमरों से नजर रखी जाती है, जबकि एक कैमरे से रिकॉर्डिंग की जाती है। उधर, इस मामले में जांच एजेंसियों की राडार पर 9 विधायक और 40 अफसर और कर्मचारी हैं। अब तक एसपी के विधायक मनोज पांडेय समेत 16 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है।

एटीएस की जांच में शनिवर को विधानसभा की सुरक्षा में हो रही बड़ी चूक का सामने आई है। जांच में पता चला है कि सदन के अंदर लगे कैमरों को बंद रखा जाता है, जबकि सुरक्षा के लिहाजा से कैमरों को 24 घंटे चालू रहना चाहिए। अंदर लगे छह CCTV कैमरों को सेशन शुरू होने से महज आधा घंटे पहले ही शुरू किया जाता है। उससे पहले सदन के अंदर कौन आया, कौन गया इस बात की जानकारी इन कैमरों से नहीं हो सकती। यही वजह है कि एक्सप्लोसिव मिलने के तीन दिन बीत जाने के बाद भी एटीएस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।

नेता विपक्ष रामगोविंद चौधरी के पीछे एक सीट छोड़कर विस्फोटक पदार्थ मिला था। ऐसे में उस सीट के आसपास बैठने वाले 9 विधायकों से सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ में जुटी हुई हैं। शनिवार को एटीएस ने एसपी विधायक मनोज पांडेय से उनके आवास पर 15 मिनट पूछताछ की। वहीं, 32 विधानसभा रक्षक और फोर्थ क्लास के 8 कर्मचारियों को जांच के घेरे में रखा गया है। इनमें से 15 से पूछताछ हो चुकी है।

एटीएस आईजी असीम अरुण ने बताया कि शनिवार को विधानसभा में 15 अफसर और कर्मचारियों से पूछताछ हुई और उनके बयान लिए। इनमें 1 असिस्टेंट मार्शल, 4 इंजीनियर, 2 सिक्युरिटी गॉर्ड्स (बीडीएस एवं डॉग स्क्वायड में तैनात), 1 AC ऑपरेटर समेत फोर्थ क्लास के 7 कर्मचारी शामिल हैं। एटीएस के अफसरों ने असेंबली कैम्पस में लगे 23 सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। इनमें 12 कैमरे कैम्पस के, 6 विधान मंडल भवन के और 2 कैमरे सत्ता पक्ष और विपक्ष के एंट्री गेट के हैं।

सीएम योगी के सख्त होने के बाद विधानसभा की सुरक्षा में लगी एटीएस की क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) एक्टिव हो गई। शनिवार को करीब 20 कमांडों के साथ क्यूआरटी टीम ने विधानसभा का कोना-कोना खंगाला। साथ ही विधानसभा के अंदर एक मॉक ड्रिल भी किया। इस ड्रिल में पुलिस फोर्स के अलावा दमकल विभाग भी शामिल हुआ। मॉकड्रिल में क्यूआरटी ने किसी भी आतंकी वारदात या ऐसी किसी भी अटैक से निपटने के लिए जोर आजमाइश की।

एसपी एटीएस प्रभाकर चौधरी ने कहा- ”अब विधान सभा सत्र के दौरान एटीएस की 3 टीम निगरानी करेगी। आम दिनों में भी एटीएस की एक टीम विधानसभा में मौजूद रहेगी। शनिवार को एटीएस की टीम ने विधानसभा के सभी इंट्री पॉइंट को चेक किया है। इसके साथ ही सभी गेट पर बंकर बनने के ऑर्डर दिए गए हैं।”