कानपुर देहात व नगर में जहरीली शराब से अब तक 13 मौत

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जहरीली शराब से कानपुर नगर में पांच लोगों की मौत को अभी 24 घंटे ही बीते थे कि कानपुर देहात में भी छह लोगों की मौत हो गई। रविवार को कानपुर नगर में उपचार के दौरान दो और लोगों ने दम तोड़ दिया। दोनों जिलों में अब तक कुल 13 लोगों की मौत हो चुकी है। 25 से ज्यादा लोगों का इलाज चल रहा है। सभी लोगों ने सरकारी ठेके से शराब खरीदी थी। कानपुर देहात में प्रशासन पांच लोगों के मरने की ही पुष्टि कर रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारीजन के प्रति अपनी संवेदना भी जतायी। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, प्रमुख सचिव आबकारी कल्पना अवस्थी व कई अधिकारियों ने लाला लाजपत राय अस्पताल (हैलट) पहुंचकर पीडि़तों का हाल लिया। डॉ. शर्मा ने बेहतर उपचार के साथ दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। इस मामले में सपा के पूर्व विधायक रामस्वरूप सिंह के दो पौत्र समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

कानपुर देहात के मड़ौली, बलेथा व भंवरपुर गांव में ठेके पर जहरीली शराब पीने के बाद करीब डेढ़ दर्जन लोग उल्टी, उलझन और कम दिखाई देने से शनिवार रात भर परेशान रहे। रात में ही एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। बाकी पीडि़तों में महेंद्र उर्फ छुन्ना कुशवाहा (35), हरि मिश्रा (40), नरेंद्र सिंह (45) और पंकज संखवार (32) ने अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ दिया। इस बीच बिंदकी, फतेहपुर निवासी संतराम (30) की भी हालत बिगड़ गई। मैथा पीएचसी में उसे मृत घोषित कर दिया गया। गुस्साए मड़ौली के ग्रामीणों ने पुलिस को उसका शव नहीं उठाने दिए। इधर, कानपुर के सचेंडी में शनिवार को पांच लोगों की मौत के बाद हैलट अस्पताल में रविवार तड़के करीब तीन बजे हेतपुर गांव का महेश यादव उर्फ भोला (28) और शाम को इसी गांव के रामकरन उर्फ अखंडा (28) की मौत हो गई। अब भी 15 पीडि़त भर्ती हैं।

हरदोई जिले कछौना क्षेत्र में रामप्रसाद यादव (45) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। भाई के अनुसार रामप्रसाद की मौत का कारण जहरीली कच्ची शराब है। ग्रामीणों के अनुसार कई गांवों में कच्ची शराब की भट्ठियां खुलेआम धधक रही है। पुलिस विभाग का संरक्षण प्राप्त होने के चलते खुलेआम शराब की बिक्री भी होती है। पुलिस का कहना है कि ऐसा मामला संज्ञान में नहीं आया है।

पुलिस ने सपा के पूर्व विधायक रामस्वरूप सिंह के पौत्र व जिला पंचायत सदस्य नीरज सिंह और उसके भाई विनय सिंह समेत सात आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। विनय और नीरज पर कानपुर देहात और कानपुर नगर में अलग-अलग मुकदमा दर्ज किया गया है। एक अन्य को कानपुर देहात से पकड़ा है। वहीं सचेंडी में दूल गांव के शराब ठेका मालिक समेत तीन फरार आरोपितों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया।

आबकारी निरीक्षक एनके मिश्रा की तहरीर पर मड़ौली के ठेका अनुज्ञापी सतीश मिश्रा और सेल्समैन सरमन के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिये गए हैं। कानपुर देहात के डीएम राकेश कुमार सिंह ने बताया कि पूर्व विधायक रामस्वरूप सिंह के संरक्षण में उनके पौत्र नीरज सिंह गौर व विनय सिंह ठेके में अपमिश्रित शराब सप्लाई कराते थे। मड़ौली के ठेके और मृतकों के घर बची शराब के नमूने विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। शराब की दुकान सील कर दी गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में संवाददाताओं से बातचीत में कानपुर व कानपुर देहात में जहरीली शराब से हुई मौतों पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि इस मामले में सपा के पूर्व विधायक और उनसे जुड़े कुछ लोगों का नाम सामने आ रहा है। जो भी दोषी होगा वह बख्शा नहीं जाएगा। विभागीय लोगों के खिलाफ शासकीय कार्रवाई तो होगी ही, दंडात्मक कार्रवाई का भी निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा देसी शराब की आड़ में मिलावटी शराब का का धंधा किया जा रहा है। यह घिनौना अपराध है।

मिलावटी शराब के कारोबार में सपा नेता के पकड़े जाने पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि सपा नेता यह कारोबार कर रहा था तो जिले के डीएम और कप्तान क्या कर रहे थे। कानपुर देहात के नौबस्ता बसंत विहार में बातचीत के दौरान उन्होंने मिलावटी शराब से हुई मौतों के लिए प्रदेश सरकार जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि हरदोई में जहरीली शराब से हुई मौत के मामले में नेता किस दल है, यह किसी से छिपा नहीं है।

कानपुर देहात के रूरा में मड़ौली गांव में शनिवार रात ठेके पर जहरीली शराब पीने के बाद एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। मौत का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। मड़ौली के राकेश दुबे, योगेश मिश्रा, संजू उर्फ संजय, महेश, दुर्गा प्रसाद, कुंअर लाल, दीपू, कन्हैया, सोनेलाल तथा बलेथा के महेश दूधिया समेत करीब डेढ़ दर्जन लोग रात भर उल्टी, उलझन और कम दिखाई देने से परेशान रहे। शराब ठेके पर रखी नकली शराब को जला दिया गया।

पीडि़तों में मड़ौली निवासी महेंद्र उर्फ छुन्ना कुशवाहा (35), हरि मिश्रा (40) व बलेथा के नरेंद्र ङ्क्षसह (45), भंवरपुर के पंकज संखवार (32) ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। मैथा स्टेशन के ठेके से शराब पीने से बिंदकी, फतेहपुर निवासी संतराम (30) की हालत बिगड़ गई। मैथा पीएचसी में उसे मृत घोषित कर दिया गया। गुस्साए मड़ौली के ग्रामीणों ने पुलिस को शव नहीं उठाने दिए। कानपुर देहात के डीएम राकेश कुमार सिंह ने जहरीली शराब से अब तक पांच की मौत की पुष्टि की है।

आबकारी निरीक्षक एनके मिश्रा की तहरीर पर मड़ौली के ठेका अनुज्ञापी सतीश मिश्रा और सेल्समैन सरमन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने सेल्स मैन को गिरफ्तार किया है। मड़ौली के मृतक श्याम सिंह के भाई रणविजय की तहरीर पर कारोबार को संरक्षण देने वाले सपा के पूर्व विधायक रामस्वरूप सिंह गौर, उनके नाती नीरज सिंह व विनय सिंह के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

कानपुर के सचेंडी में जहरीली शराब से शनिवार को पांच लोगों की मौत के बाद रविवार तड़के करीब तीन बजे हेतपुर गांव का महेश यादव उर्फ भोला (28) की मौत हो गई। हैलट अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। अब भी 15 पीडि़त भर्ती हैं। इनमें हेतपुर निवासी रामकरन यादव और भूलगांव निवासी विमल हालत गंभीर है।

हरदोई जिले कछौना क्षेत्र में रामप्रसाद यादव (45) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। भाई के अनुसार रामप्रसाद की मौत का कारण जहरीली कच्ची शराब है। ग्रामीणों के अनुसार कई गांवों में कच्ची शराब की भट्ठियां खुलेआम धधक रही है। पुलिस विभाग का संरक्षण प्राप्त होने के चलते खुलेआम शराब की बिक्री भी होती है। पुलिस का कहना है कि ऐसा मामला संज्ञान में नहीं आया है।

source-Dainik Jagran