1000 साल में मिट सकता है इंसान का अस्तित्व: स्टीफेन हॉकिंग

14
SHARE

अगर इंसान ने अगले एक हजार साल में अपने रहने के लिए कोई दूसरा ग्रह नहीं खोजा तो उसका अस्तित्व समाप्त हो सकता है। ये कहना है मशहूर वैज्ञानिक स्टीफेन हॉकिंग का|

अंतरिक्ष के रहस्यों के गिने-चुने जानकारों में शुमार किए जाने वाले हॉकिंग ने कहा है, “मुझे नहीं लगता है कि हम इस नाजुक ग्रह पर एक हजार साल और रह पाएंगे।” हॉकिंग ऑक्सफोर्ड यूनियन डिबेटिंग सोसाइटी में एक व्याख्यान के दौरान बोल रहे थे। 74 वर्षीय हॉकिंग पिछले पांच दशकों में अतंरिक्ष विज्ञान में हुई प्रगति के बारे में छात्रों को बता रहे थे। हॉकिंग ने कहा 2016 अंतरिक्ष विज्ञान के लिए बहुत अहम रहा, “ये समय थियरेटिकल फीजिक्स में शोध करने के हिसाब से बहुत ही जीवंत है|”

द इंडिपेंडेंट में प्रकाशित खबर के अनुसार हॉकिंग ने कहा, “पिछले 50 सालों में अंतरिक्ष के बारे में हमारी समझ बहुत बदल गई है और मुझे इस बात की खुशी है कि इसमें छोटा सा योगदान मेरा भी है।” सोमवार को हॉकिंग ने कहा, “सच ये है कि हम मनुष्य प्रकृति का एक छोटा सा अंश हैं, हम उन नियमों को इस सीमा तक समझ चुके हैं जिनसे हमारा जीवन निर्धारित होता है, और ये निश्चय ही एक बड़ी जीत है।” हॉकिंग के अनुसार कॉस्मोस जैसे सुपरकम्प्यूटर की मदद से वैज्ञानिक ब्राह्मण्ड में मौजूद लाखों आकाशगंगाओं का नक्शा बनाने में सफल  हो सकते हैं। हॉकिंग ने कहा, “संभव है कि एक दिन हम गुरुत्वाकर्षण तरंगों का प्रयोग करके बिग बैंग (महाविस्फोट) के हृदय में झांक सकें। लेकिन हमें मनुष्य के लिए भी अंतरिक्ष की पड़ताल जारी रखनी होगी|”

हॉकिंग पिछले कुछ सालों से मनुष्य के भविष्य को लेकर आशंका भरे बयान देते रहे हैं। इसी साल जनवरी में विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में हुए विकास के प्रति सावधान करते हुए कहा था कि “नई चीजों गलत दिशा में भी जा सकती हैं।” हॉकिंग ने ये आशंका भी जताई थी कि अगले 100 साल तक मंगल पर मानव कॉलोनी बनाना संभव नहीं लगता है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा था कि इंसानों को इन 100 सालों तक बहुत ही सावधानी के साथ जीना होगा|