सौ का नोट न होने से नहीं उठा महिला का शव

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गरीबी और लाचारी ऐसी कि पत्नी की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार और शव ले जाने के लिए पति के पास फूटी कौड़ी तक नहीं बची। यह लाचारी तब और बढ़ गई जब सौ रुपये या इससे छोटी करेंसी न होने की स्थिति में लोग चाहकर भी पीड़ित की मदद नहीं कर सके।

यहां तक की एंबुलेंस के लिए तीन हजार रुपये की व्यवस्था भी नहीं हुई। बाद में स्वयंसेवी संस्थान ने एंबुलेंस की निशुल्क व्यवस्था कर शव को व्यक्ति के गांव मध्य प्रदेश के नीमच के लिए रवाना किया।

पेशे से मजदूर एकता कॉलोनी जयसिंहपुरा, नीमच (मप्र) निवासी राजू भाई नाई (60) ने बताया कि उसकी पत्नी श्यामाबाई (57) के फेफड़े में तकलीफ होने पर नीमच चिकित्सालय में दिखाया। बीपीएल श्रेणी में होने से वहां निशुल्क उपचार हुआ। लेकिन हालत गंभीर होने पर गत शनिवार को उदयपुर स्थित एमबी चिकित्सालय ले आया। यह व्यवस्था भी वहां के लोगों से आर्थिक मदद लेकर की। लेकिन आने-जाने और इलाज में सारे पैसे खत्म हो गए।

श्यामा की मौत के बाद पति के पास उसके अंतिम संस्कार और शव गांव ले जाने की राशि नहीं थी। भीड़ जुटी, लोगों ने उसका दुखड़ा भी सुना, लेकिन छोटी नोट न होने के चलते चाहकर भी उसकी मदद कोई भी न कर सका|