10 साल मे पाक होगा तीसरा सबसे ज्यादा जखीरे वाला देश: US

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अमेरिकी एटॉमिक साइंटिस्ट्स की एक रिपोर्ट में सामने आई है। पाकिस्तान के पास 130-140 तक एटमी हथियार हैं और वह F-16 समेत अपने कई फाइटर जेट्स को न्यूक्लियर वॉरहेड ले जाने के लिए डेवलप कर रहा है। अगले 10 साल में पाक एटमी हथियारों का स्टॉक खासा बढ़ा लेगा। वह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा न्यूक्लियर ताकत वाला देश बन सकता है।

आर्मी और एयर बेस की सैटेलाइट इमेज से हुआ खुलासा है। कि अमेरिकी रिपोर्ट को दो साइंटिस्ट्स हेंस एम.क्रिस्टेंसन और रॉबर्ट एस.नोरिस ने तैयार किया है। रिपोर्ट में गैरिसन स्थित पाकिस्तान आर्मी और एयरफोर्स बेस की सैटेलाइट इमेज के मुताबिक मोबाइल लॉन्चर और अंडरग्राउंड फैसिलिटीज का संबंध एटमी फोर्स से हो सकता है। ये भी कहा गया है, ‘पाक अपना एटमी हथियारों का जखीरा समेत वॉरहेड्स, डिलीवरी सिस्टम और न्यूक्लियर मटेरियल प्रोडक्शन इंडस्ट्री को तेजी से बढ़ा रहा है|’

साइंटिस्ट्स कहते हैं, ‘हमारा आकलन है कि पाक के पास 130-140 एटमी वेपन्स हैं। ये हमारी सोच से कहीं ज्यादा है। 1999 में यूएस इंटेलिजेंस एजेंसी ने कहा था कि पाक के पास 2020 तक 60-80 एटमी हथियार होंगे। तीसरा सबसे बड़ा न्यूक्लियर ताकत वाला देश बन सकता है पाक साइंटिस्ट्स की मानें तो पाक 4 प्लूटोनियम प्रोडक्शन रिएक्टर्स बना रहा है। साथ ही वह यूरेनियम एनरिचमेंट फैसिलिटी को भी फैला रहा है|

अगले 10 साल में पाक एटमी हथियारों का स्टॉक खासा बढ़ा लेगा। वह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा न्यूक्लियर ताकत वाला देश बन सकता है। उसके पास 350 वॉरहेड हो सकते हैं। अगर पाक ऐसी ही तेजी से काम करता रहा तो 2025 तक उसके पास 220-250 वॉरहेड्स होंगे। अगर ऐसा हुआ तो वह दुनिया का पांचवा न्यूक्लियर ताकत वाला देश बन जाएगा। पाक अपने न्यूक्लियर मिशन के लिए F-16A/B और मिराज III/IV फाइटर स्क्वॉड्रन को चुन सकता है। F-16 पहला फाइटर प्लेन था जो न्यूक्लियर वॉरहेड ले जाने में कैपेबल था। जल्दी ही मिराज भी इसी कैटेगरी में शामिल हो गया।

1983-87 के बीच पाक को अमेरिका ने F-16A/B फाइटर दिए थे। 40 फाइटर देने के बाद 1989 में विदेश विभाग ने कांग्रेस में कहा कि अब पाकिस्तान को और F-16 नहीं दिए जाएंगे। अगर ऐसा होता है तो इसके लिए सरकार के अप्रूवल की जरूरत होगी।