10 जिलों में हुई पायलेट प्रोजेक्‍ट की शुरुआत

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सरकार के पायलेट प्रोजेक्‍ट आयरन और आयोडीन युक्त (समाजवादी डबल आयोडाइड नमक) के इनॉगरेशन के मौके पर अखिलेश ने कहा, ‘हमारी सरकार लगातार अच्‍छे कामों की कोशिश कर रही है। आपका और आने वाली पीढ़ी का स्‍वास्‍थ्‍य बेहतर हो, ये हमारी सरकार की जिम्‍मेदारी है। समाजवादियों की कोशिश होगी कि यूपी के लोगों का स्‍वास्‍थ्‍य और उनकी शिक्षा बेहतर हो|’
अखिलेश ने आगे कहा, ‘आज यहां आईं सभी महिलाओं को ये भी नहीं पता होगा कि वो कहां पर बैठी हैं, लेकिन सच्चाई ये है कि इन्हीं लोगों की वजह से लोग सीएम बनते हैं।एक एेसी भी सरकार थी, जिसने यहां तक आने वाला रास्ता ही बंद कर दिया था। अब एक ऐसी सरकार आई है, जिसने गरीबों से लेकर अमीरों तक के लिए काम किया है।केंद्र की सरकार ने तो गरीबों को और परेशान कर रखा है। 500 की नोट बंद होने से लोगों को परेशानी हो रही है। लोग बेचारे सुबह से शाम तक परेशान रहते हैं|’
खाद्य रसद आयुक्‍त अजय चौहान ने कहा, ‘डबल फोर्टिफाइड नमक एनीमिया रोग से लड़ने में मदद करेगा।यूपी में कुपोषण की वजह से एनीमिया को बढ़ावा मिलता है। सीएम अखिलेश सबसे पहले इस पायलेट प्रोजेक्ट को शुरू कर लोगों को एनीमिया से दूर करने में मदद करेंगे|
10 जिलों में बांटा जा रहा नमक
10 जिलों लखनऊ, सिद्धार्थनगर, मुरादाबाद, फर्रुखाबाद, इटावा, औरैया, हमीरपुर, फैजाबाद, संतकबीरनगर, मऊ में 60 हजार मीट्रिक टन नमक बांटा जाएगा।
यूपी सरकार की ओर से इसके लिए 48.52 करोड़ की अनुदान राशि हर साल दी जा रही है। इसका लाभ 46.02 लाख राशन कार्ड वाले धारक उठाएंगे।
 32 लाख 59 हजार बीपीएल और अंत्योदय कार्ड धारकों को 3 रुपए प्रति किलो की दर से नमक दिया जाएगा एपीएल कार्ड धारकों को 6 रुपए प्रति किलो की दर से नमक दिया जाएगा|
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी में इस वक्त 50 फीसदी गर्भवती महिलाएं एनीमिया रोग से प्रभावित हैं।वहीं, 6 से 59 महीने के करीब 73 फीसदी बच्चे भी इससे ग्रसित हैं। इसके अलावा 20 साल से कम उम्र के 24 फीसदी लोग भी इससे प्रभावित हैं| समाजवादी नमक में एक बड़े सहयोगी के तौर पर टाटा ट्रस्ट को सामने लाया गया है। इसमें टाटा ट्रस्ट सभी जिलों में समाजवादी नमक के प्रचार-प्रसार और उत्पादन की देखरेख करेगा।साथ ही खाद्य रसद विभाग जो इस योजना की नोडल एजेंसी के तौर पर है, उसे भी सहयोग करेगा।बिल मिलंडा गेट्स फाउंडेशन की सहयोगी संस्था ग्लोबल एलायंस फॉर इम्‍प्रूव्‍ड न्यूटिशन यानी गेन के जरिए गुणवत्ता जांच की जाएगी|