सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए बड़ा झटका, 19 साल पुराने हत्या के मामले में नोटिस

नोटिस के बाद सपा-कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक बड़ा झटके देते हुए महाराजगंज की एक अदालत ने 19 साल पुराने मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और 21 अन्य आरोपियों के खिलाफ नोटिस जारी किया है। यह मामला 10 फरवरी 1999 का है, जिसमें विवाद के दौरान तब समाजवादी पार्टी के नेता तलत अजीज के निजी सुरक्षा अधिकारी सत्य प्रकाश यादव मारे गए थे।

मामले को लेकर आ रही रिपोर्ट्स के मुताबिक केस डायरी में कहा गया है कि तलत अजीज ने 10 फरवरी, 1999 को महाराजगंज में एक बैठक बुलाई थी। आरोप है कि गोरखपुर के तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ के मौके पर पहुंचने के बाद वहां हिंसा भड़क उठी थी और गोली लगने से तलत अजीज की सुरक्षा में तैनात पुलिस के हेड कांस्टेबल सत्य प्रकाश यादव की मौत हो गई।

इस मामले में तलत अजीज ने महाराजगंज कोतवाली थाने में योगी आदित्यनाथ और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। एसएचओ की तरफ से भी योगी और 21 अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। योगी आदित्यनाथ ने तलत अजीज और अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, उन्होंने तलत अजीज और अन्य पर हमला करने का आरोप लगाया था।

इस मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंपी गई थी जिसने छानबीन के बाद अंतिम रिपोर्ट लगाकर मामले को बंद कर दिया था। तलत अजीज ने सीबीसीआईडी की अंतिम रिपोर्ट को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने चुनौती दी थी। तलत अजीज की याचिका को आपराधिक शिकायत के तौर पर लिया गया। हालांकि, मजिस्ट्रेट ने 13 मार्च, 2018 को इसे खारिज कर दिया लेकिन इसके बाद तलत अजीज हाईकोर्ट पहुंचे। हाईकोर्ट ने जिला एवं सत्र न्यायालय में सुनवाई का निर्देश दिया और इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ और अन्य आरोपियों के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है।

आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए देश में चुनावी माहौल गरमा रहा है और ऐसे में योगी के खिलाफ नोटिस से विपक्ष को बड़ा मुद्दा हाथ लग गया है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने योगी आदित्यनाथ के तत्काल इस्तीफे की मांग शुरू कर दी है और कहा है कि योगी आदित्यनाथ के राजनीतिक प्रभाव का शिकार मुकदमा लड़ने वाले और पीड़ित हो सकते हैं।

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता सुनील सिंह साजन ने कहा है कि हम सीएम योगी आदित्यनाथ के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हैं, क्योंकि अगर ट्रायल शुरु होता है तो पीड़ितों को प्रभावित किया जा सकता है और नुकसान भी पहुंचाया जा सकता है। यूपी कांग्रेस के प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने कहा है कि जब तक ट्रायल चल रहा है मुख्यमंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए, नहीं तो पीड़ितों को धमकी दी जा सकती है और प्रभावित किया जा सकता है।