सस्पेंस बरकरार, 6 अप्रैल की बैठक में फैसला नहीं ले सके ओम प्रकाश राजभर

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सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने भाजपा के साथ गठबंधन पर अपने फैसले का सस्पेंस खत्म नहीं किया है। भाजपा गठबंधन के साथ बने रहने या उससे अलग होने को लेकर फैसला करने के लिए शनिवार 6 अप्रैल को प्रदेश के कार्यकर्ताओं की बुलाई गई थी। इस बैठक में राजभर ने कार्यकर्ताओं से लिखित और मौखिक राय तो ली लेकिन उस पर अपना फैसला नहीं सुनाया। ओमप्रकाश राजभर ने समाज के लिए संघर्ष को और ऊपर तक पहुंचाने की बात कह कर अगले फैसले तक मामले को टाल दिया।

इस बैठक में राजभर ने कहा कि वह समाज के हक की लड़ाई, पिछड़ों-गरीबों को उनका हक दिलाने की लड़ाई में कभी पीछे नहीं रहे हैं और न रहेंगे ना ही उन्हें सत्ता का लालच है। हालांकि उन्होंने सियासी संकेत यही दिया कि वह भाजपा गठबंधन के साथ ही बने रहेंगे। उन्होंने अपने एक कार्यकर्ता की शायरी पढ़ कर सुनाई कि ”लक्ष्य ना ओझल होने पाए कदम मिलाकर चल, मंजिल भी मिल जाएगी आज नहीं तो कल”।

राजभर ने कार्यकर्ताओं की राय जानने के लिए उनसे पूछा कि मैदान में हारने के लिए उतरना चाहिए या जीतने के लिए। हालांकि जवाब भी उन्होंने ही दिया और कहा कि ओमप्रकाश राजभर अगर मैदान में जाएगा तो जीतने के लिए जाएगा हारने के लिए नहीं। राजभर ने यह भी कहा कि वह गठबंधन के साथ चलने के बारे में जल्दी ही साफ फैसला ले लेंगे।

जाहिर है कि कोई भी यह सलाह नहीं देगा कि हारने के लिए। संभवत: राजभर अब भाजपा में रहते हुए ही अपनी आवाज उठाते रहें, जैसा कि वह पहले करते रहे हैं। सत्ता में रहते हुए वह अपनी पार्टी और जनाधार को भी ज्यादा बढ़ा पाएंगे।