लखनऊ एयरपोर्ट पर रोके गए अखिलेश यादव, सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा इसलिए रोका

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प्रयागराज में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ शपथग्रहण कार्यक्रम में पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के शामिल होने को लेकर काफी दिनों से विवाद चल रहा था और अब जब मंगलवार को अखिलेश यादव कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे तो उन्हें लखनऊ एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया।
अखिलेश यादव यूनिवर्सिटी के इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रयागराज जाने हेतु लखनऊ एयरपोर्ट पर पहुंचे, लेकिन उन्हें प्लेन पर चढ़ने से रोक दिया गया। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारी एयरपोर्ट पर तैनात रहे और प्लेन के गेट के पास घेरकर खड़े हो गए। अखिलेश यादव को रोके जाने से एयरपोर्ट पर पुलिस, प्रशासन और उनके बीच बहस भी हुई।


खुद को रोके जाने पर अखिलेश यादव ने विरोध दताया। उन्होंने कहा कि उन्हें इलाहाबाद यूनिवर्सिटी जाने से रोका जा रहा है। अखिलेश के ट्वीट के बाद समाजवादी पार्टी के कई कार्यकर्ता एयरपोर्ट पर जमा हो गए और हंगामा करने लगे। बवाल बढ़ने पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रयागराज में अराजकता न फैले, इसलिए अखिलेश को रोका गया है।


अखिलेश यादव ने कहा है कि एक छात्र नेता के शपथ ग्रहण कार्यक्रम से सरकार इतनी डर रही है कि मुझे लखनऊ हवाई अड्डे पर रोका जा रहा है। अखिलेश यादव ने फिर लिखा कि, बिना किसी लिखित आदेश के मुझे हवाई जहाज पर चढ़ने से रोका जा रहा है। इससे साफ है कि सरकार छात्रसंघ के शपथग्रहण समारोह से कितनी डरी हुई है।

उन्होंने लिखा कि बिना किसी लिखित आदेश के मुझे एयरपोर्ट पर रोका गया। पूछने पर भी स्थिति साफ करने में अधिकारी विफल रहे। छात्र संघ कार्यक्रम में जाने से रोकना का एकमात्र मकसद युवाओं के बीच समाजवादी विचारों और आवाज को दबाना है।


इस मामले में सीएम योगी ने कहा कि प्रयागराज में वर्तमान में कुंभ चल रहा है। दस दिन पहले अखिलेश कुंभ गए थे। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में अराजकता न हो इसलिए अखिलेश को रोका गया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन और प्रयागराज जिला प्रशासन ने भी यह मांग की थी। योगी ने कहा कि एसपी अराजकता फैलाने के लिए जानी जाती है, अखिलेश जाते तो इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में बवाल होता। छात्र गुटों में हिंसा की आशंका के चलते भी उन्हें रोका गया है।

इस घटना पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी योगी सरकार पर हमला बोला है। मायावती ने ट्वीट कर कहा है कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को आज इलाहाबाद नहीं जाने देने कि लिये उन्हें लखनऊ एयरपोर्ट पर ही रोक लेने की घटना अति-निन्दनीय व बीजेपी सरकार की तानाशाही व लोकतंत्र की हत्या की प्रतीक।


बताते चलें कि इलाहाबाद यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में समाजवादी पार्टी के छात्रसंगठन के प्रत्याशी ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की थी। ऐसे वक्त में जब लोकसभा चुनावों के लिए सभी दलों ने तैयारियां तेज कर दी हैं, यह मामला यहीं पर थमने वाला नहीं लगता। भाजपा और सपा इस मामले में आमने-सामने हैं और इस मामले पर सियासत का और जोर पकड़ना तय है।