मुलायम ने नहीं दिया साथ तो शिवपाल का छलका दर्द

135
SHARE

समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने रविवार को दिल्ली में जंतर-मंतर पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और अपने बेटे अखिलेश यादव के मंच पर पहुंचकर शिवपाल सिंह यादव को तगड़ा झटका दिया। इससे पहले शिवपाल लगातार कह रहे थे कि उनके समाजवादी सेक्युलर मोर्चा को मुलायम सिंह का आशीर्वाद हासिल है, मुलायम के भी चुप्पी साधे रहने से उनकी बात सही लगने लगी थी, लेकिन अब मुलायम ने खुल कर ऐलान कर दिया है कि वह अखिलेश यादव के साथ हैं तो शिवपाल सिंह यादव का दर्द छलक आया है।

दिल्ली में जब मुलायम और अखिलेश मंच साझा कर रहे थे को शिवपाल सिंह यादव लखनऊ में सहकारिता भवन में एक कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे। उन्हें सारी खबर थी, उन्होंने बिना नाम लिए ही कहा कि कभी-कभी बहुत से लोगों को बिना मेहनत के बहुत कुछ मिल जाता है जबकि कुछ लोगों को मेहनत से भी नहीं मिलता। कुछ भाग्यशाली हैं जिन्हें बिना कुछ किए बहुत कुछ मिला। उनके बयान से जाहिर है कि उनका इशारा अखिलेश यादव की तरफ ही था।

शिवपाल सिंह यादव ने बीते दिनों अपने समाजवादी सेक्युलर मोर्चे के गठन के साथ ही मुलायम सिंह यादव को इसका अध्यक्ष पद भी ऑफर किया था और साथ ही ये भी ऐलान किया था कि वह अपने बड़े भाई को मैनपुरी से चुनाव लड़ाना चाहते हैं। उन्होंने ये तक कहा था कि मुलायम अगर समाजवाजी पार्टी से लड़ेंगे तो भी उनका मोर्चा उन्हें समर्थन देगा। अपनी पार्टी के झंडे पर भी शिवपाल ने मुलायम को जगह दी है लेकिन मुलायम अंतत: उनके साथ नहीं खड़े हुए।

बताते चलें कि दिल्ली के समाजवादी पार्टी के कार्यक्रम में मुलायम ने अखिलेश के पक्ष में खुल कर बोलते हुए कहा कि सपा नौजवानों की पार्टी है जो कभी बूढ़ी नहीं होगी। उन्होंने समाजवादी पार्टी के समर्थकों से आगामी लोकसभा चुनाव में जी-जान से जुट जाने की भी अपील की। मुलायम की इस अपील का बड़ा महत्व है। उनका अखिलेश के पक्ष में खड़ा होना जहां समाजवादी पार्टी में अखिलेश के नेतृत्व को मजबूती देगा वहीं शिवपाल को उनका साथ नहीं मिलना नुकसान पहुंचाएगा।