मुलायम को अपने मोर्चे में पद देना और मैनपुरी से लड़ाना चाहते हैं शिवपाल

शिवपाल अब अपने मोर्चे को मजबूती और पहचान दिलाने की कोशिशों में जुट गए हैं

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लखनऊ। कुछ दिनों पहले समाजवादी पार्टी से अलग समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाने वाले नेता शिवपाल सिंह यादव ने अपने बड़े भाई और समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के सामने अपने मोर्चे का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का प्रस्ताव रखा है। शिवपाल ने कहा है कि उन्होंने सेक्युलर मोर्चे का गठन नेताजी (मुलायम सिंह) के आशीर्वाद के बाद ही किया था, इसीलिए वह चाहते हैं कि मुलायम उनके मोर्चे के अध्यक्ष बनें।

शिवपाल सिंह यादव का कहना था कि अगर मुलायम उनका प्रस्ताव मान लेते हैं तो अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी से नाराज चल रहे सभी लोग उनके अधीन काम करेंगे। शिवपाल को यह आशंका भी है कि शायद मुलायम बेटे के खिलाफ न जाएं इसीलिए उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर वह उनका प्रस्ताव नहीं मानते हैं तो भी वह मैनपुरी से मोर्चे के प्रत्याशी होंगे।

मुलायम के मामले में शिवपाल हर समझौता करने को भी तैयार हैं, उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि मुलायम उनके मोर्चे से चुनाव लड़ें लेकिन अगर वह समाजवादी पार्टी से भी चुनाव लड़ते हैं तो भी मोर्चा उनका समर्थन करेगा और उनके खिलाफ कोई अपना उम्मीदवार नहीं खड़ा करेगा।

शिवपाल अपने सेक्युलर मोर्चे को बड़ा रूप देने की तैयारी में लगे हैं। वो आज फैजाबाद में बामसेफ के सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और वहीं तमाम नेताओं को अपने मोर्चे से जोड़ने की कोशिश करेंगे। उनका कहना था कि शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में उनका कहना था कि मोर्चा बीजेपी के खिलाफ समान विचारधारा के सभी छोटे दलों से बातचीत कर रहा है। उनकी शरद यादव समेत कई बड़े नेताओं से बातचीत हुई है और सबको इकट्ठा करके 2019 के लोकसभा चुनाव में उतरेंगे।

शिवपाल उन दलों की तरफ भी हाथ बढ़ा रहे हैं जो कि उनके भतीजे अखिलेश यादव के करीबी हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और बीएसपी से भी बातचीत की जाएगी, अगर वह तैयार होते हैं तो हम सीटों के बंटवारे के साथ चुनाव लड़ेंगे वरना अकेले चुनाव लड़ने को भी तैयार हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके मोर्चे के अलग लड़ने से गठबंधन को 40-50 सीटों पर नुकसान होगा।

मोर्चे को विस्तार देने की कवायद के तहत शिवपाल जल्दी ही राज्य के सभी जिलों में दफ्तर खोलना शुरू कर देंगे। वह अक्टूबर में लखनऊ में अपने मोर्चे का सम्मेलन भी करेंगे। इसके साथ ही चुनाव आयोग में आवेदन कर अपने मोर्चे को अलग दल के रूप में मान्यता दिलाने की भी तैयारी है।