मुजफ्फरनगर हिंसा के मामलों समेत नेताओं के कई मुकदमे इलाहाबाद ट्रांसफर

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मुजफ्फरनगर। भाजपा, बसपा और कांग्रेस के नेताओं से जुड़े दंगों के 10 मामलों समेत 35 से ज्यादा मुकदमे इलाहाबाद की एक विशेष अदालत को भेजे गए हैं। अभियोजन के मुताबिक नेताओं के खिलाफ लंबित आपराधिक मामले सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इलाहाबाद की एक विशेष अदालत को भेजे गए ताकि इनका तेजी से निपटारा किया जा सके।

केंद्र सरकार ने 11 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि उत्तर प्रदेश समेत 11 राज्यों ने खास तौर पर नेताओं से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए 12 विशेष अदालतें गठित करने के लिए अधिसूचनाएं जारी की हैं। इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की निगरानी में हाईकोर्ट की स्पेशल कोर्ट इन मामलों की सुनवाई करेगी। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी विशेष अदालत के पीठासीन अधिकारी यानी मामलों की सुनवाई करने वाले जज होंगे।

उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा, भाजपा सांसद संजीव बालियान और भारतेंद्र सिंह, भाजपा विधायक उमेश मलिक और विक्रम सैनी, साध्वी प्राची और कई अन्य 2013 के मुजफ्फरनगर हिंसा के मामले में अपने भाषणों के जरिए हिंसा भड़काने के आरोप का सामना कर रहे हैं। इन पर निषेधाज्ञा के उल्लंघन, गलत तरीके से रोकने समेत कई आरोप हैं। कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद सईद-उज-जमां, बसपा के पूर्व सांसद कादिर राणा और बसपा के पूर्व विधायक नूर सलीम भी 2013 में जिले के खालापार इलाके में भड़काऊ भाषण देने के आरोप का सामना कर रहे हैं।