मायावती ने कांग्रेस को दिया बहुत जोर का झटका, अखिलेश यादव को भी सख्त संदेश

छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान को लेकर मायावती का बड़ा ऐलान

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बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने बीजेपी को हराने के लिए विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश में लगी कांग्रेस को बहुत ही जोरदार झटका दिया है और यूपी में गठबंधन की उम्मीद लगाए बैठे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी सख्त संदेश दे दिया है। मायावती ने बता दिया है कि अगर उन्हें हल्के में लेने की कोशिश की गई तो वो अकेले चलने से गुरेज नहीं करेंगी।

बीएसपी सुप्रीमो ने छत्तीसगढ़ में गठबंधन के लिए कांग्रेस की बजाय अजीत जोगी की पार्टी छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के साथ गठबंधन का ऐलान कर दिया है। यह कांग्रेस को जोरदार झटका माना जा रहा है क्योंकि मायावती ने राज्य में गठबंधन के लिए कांग्रेस की बजाय जोगी को मजबूत माना और उन्हें तरजीह दी। तमाम आरोपों के बाद जोगी के रास्ते कई साल पहले ही कांग्रेस से अलग हो चुके हैं लेकिन इसके बावजूद उनका राज्य में अच्छा जनाधार है, मायावती का साथ मिलने से वह निश्चित रूप से और मजबूत होंगे।

मायावती ने साफ किया कि छत्तीसगढ़ में उनकी पार्टी 35 सीटों पर अजीत जोगी की पार्टी 55 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और जीतने पर अजीत जोगी ही मुख्यमंत्री होंगे। उन्होंने मध्य प्रदेश और राजस्थान में अकेले चुनाव लड़ने का बड़ा ऐलान भी कर दिया है। पहले इन तीनों ही राज्यों में कुछ अन्य दलों के अलावा कांग्रेस, सपा और बसपा के बीच गठबंधन होने की खबरें थीं। इन राज्यों में सपा-बसपा की तुलना में कांग्रेस काफी बहुत ज्यादा मजबूत है, इसीलिए यह दोनों पार्टियां अपने लिए सम्मानजनक सीटों की मांग कर रहीं थीं लेकिन लगता है कि मायावती की बात नहीं मानी गई।

मायावती लगातार कहती रही हैं कि उनकी पार्टी का किसी से भी गठबंधन सम्मानजनक सीटों पर ही संभव है। बीते रविवार को की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा था कि ‘हम किसी भी जगह और किसी भी चुनाव में गठबंधन के लिए तैयार हैं लेकिन यह तभी होगा जब हमें सम्मानजनक सीटें मिलेंगी। ऐसा नहीं हुआ तो बीएसपी अकेले चुनाव लड़ेगी।’

मायावती ने छत्तीसगढ़ में जो किया है वह समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस के लिए साफ संदेश है कि मायावती के मन की बात पूरी नहीं हुई तो वह अपना अलग रास्ता तय करने में जरा भी देर नहीं लगाएंगी। अखिलेश यादव के लिए यूपी ही सबसे अहम है, वह पहले से कहते रहे हैं कि गठबंधन के लिए दो कदम पीछे हटने के लिए भी तैयार हैं, अब देखना होगा कि इन दोनों दलों के बीच कोई सहमति बन पाती है या नहीं।