भाजपा नेता संघमित्रा मौर्य ने ऐसे भेदा बदायूं का किला

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भाजपा ने लोकसभा चुनाव में विराट जीत हासिल की है और उसने ऐसे किले भी फतह कर लिए जिन्हें समाजवादी पार्टी का पारंपरिक गढ़ माना जाता रहा है। इनमें से एक है बदायूं की सीट जिस पर भाजपा की डॉ.संघमित्रा मौर्य जीती हैं। यूपी के कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी और भाजपा नेता डॉ.संघमित्रा मौर्य ने 511228 वोट हासिल कर समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव को 18584 मतों से पराजित कर दिया। धर्मेंद्र यादव को 492644 वोट मिले।

गुरुवार देर रात परिणाम की घोषणा से पहले ही जीत का अंदाजा लगते ही बदायूं में भाजपाई जश्न मनाने लगे थे। भाजपा कार्यालय पर कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी स्थानीय विधायकों और पदाधिकारियों के साथ खुशी मनाई। इस जीत पर संघमित्रा मौर्य ने कहा कि बदायूँ की सम्मानित देवतुल्य जनता का आशीर्वाद प्राप्त हो चुका है। ये जीत सिर्फ उनकी नहीं बल्कि बदायूँ के मान-सम्मान और स्वाभिमान की जीत है।

डॉ.संघमित्रा मौर्य राजनीति में कई वर्षों से सक्रिय हैं। संघमित्रा इससे पहले 2014 के लोकसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर यूपी की मैनपुरी सीट से सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के खिलाफ भी चुनाव लड़ चुकी हैं। उस समय उनके पिता स्वामी प्रसाद मौर्य बसपा में थे। इसके अतिरिक्त 2012 के यूपी विधानसभा चुनाव में भी वो एटा जिले की अलीगंज विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ीं थी। बीते मार्च में भाजपा ने उन्हें बदायूं से उम्मीदवार बनाया था और अब बदायूं की सांसद निर्वाचित हो चुकी हैं।