बीजेपी की मौर्य-कुशवाहा बैठक में उठी नेतृत्व की मांग, केशव प्रसाद मौर्य ने दिया ऐसा जवाब

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सोमवार को लखनऊ में बीजेपी के पिछड़ा वर्ग प्रतिनिधि बैठकों की कड़ी में कुशवाहा-मौर्य समाज की बैठक हुई। इस बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ के अलावा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य समेत तमाम नेता शामिल हुए। इस दौरान कुशवाहा समाज ने नेतृत्व का मुद्दा भी उठा दिया कि विधानसभा चुनाव केशव प्रसाद मौर्य की अगुवाई में लड़ा गया लेकिन ऐतिहासिक जीत के बावजूद नेतृत्व नहीं मिला।

बीजेपी ओबीसी मोर्चा के इस मंच से उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को मुख्यमंत्री बनाने की मांग भी उठी। इस पर कुशवाहा-मौर्य समाज के तमाम नेताओं ने हालात को संभालने की कोशिश की। श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि राजनीति में संभावनाएं हमेशा बनी रहती हैं। भाजपा ने डिप्टी सीएम का पद दिया है, आगे मुख्यमंत्री का पद भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारा भविष्य उज्ज्वल है, केशवजी के नेतृत्व में यूपी और समाज का विकास होगा। जिस समाज की सत्ता में हिस्सेदारी की ललक नहीं होती है, उस समाज का अस्तित्व नष्ट हो जाता है। उन्होंने कहा कि 1997 में पहली बार उनके रूप में मौर्य समाज का व्यक्ति कैबिनेट मंत्री बना, आज समाज के 18 विधायक और तीन मंत्री हैं।

लखनऊ के पीडब्ल्यूडी के विश्वेश्वरैया सभागार में हो रहे भाजपा ओबीसी मोर्चा के इस सामाजिक प्रतिनिधि सम्मेलन में मौर्य, सैनी, शाक्य और कुशवाहा समाज के प्रतिनिधियों के बीच भाजपा सांसद रवींद्र कुशवाहा ने आश्वासन दिलाया कि मौर्य के नेतृत्व में भाजपा को जीत मिली है, आज नहीं तो कल यूपी का नेतृत्व मौर्य समाज के हाथ होगा। उन्होंने कहा कि समाज को निराश नहीं होना चाहिए।

र्व मंत्री बहोरन लाल मौर्य ने कहा कि केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में भाजपा को पहली बार 325 सीटें मिलीं। भाजपा ने समाज को बहुत सम्मान दिया, लेकिन थोड़ा सम्मान बाकी है। आयुष राज्यमंत्री धर्मसिंह सैनी ने कहा, मौर्य समाज बड़ी ताकत के रूप में उभरा है, केशव मौर्य और स्वामी प्रसाद मौर्य के पीछे पूरा समाज खड़ा है। उप मुख्यमंत्री का पद कम नहीं होता, भाजपा ने इसे देकर मौर्य समाज पर उपकार किया है।


इन आश्वासनों के बीच सबकी दिलचस्पी इस बात में थी कि खुद केशव प्रसाद मौर्य इस मसले पर क्या कहते हैं। केशव पर समाज को साथ लेकर चलने के साथ सरकार और पार्टी की बड़ी जिम्मेदारी भी है लिहाजा उन्होंने शब्दों का चुनाव काफी सोच-समझ कर किया। उन्होंने पार्टी का बचाव करते हुए कहा कि भाजपा ने 18 विधायक, 3 मंत्री और दो सांसद दिए हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक जाति से कोई सत्ता हासिल नहीं कर सकता, सभी जातियों और समाज के समर्थन से केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है। समाज को जोश में होश नहीं खोना है, क्या मिला या नहीं मिला, इसकी चिंता छोड़कर 2019 में मोदी जी को फिर प्रधानमंत्री बनाने में जुट जाएं।

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सपा और बसपा जैसे दल केन्द्र में मजबूत नहीं, बल्कि मजबूर सरकार चाहते हैं, मगर उनका यह मंसूबा पूरा नहीं होगा। सपा-बसपा को मजबूर सरकार चाहिये, लेकिन देश को मजबूत सरकार चाहिये। मजबूत सरकार तो नरेन्द्र मोदी के ही नेतृत्व में बनेगी।